अमित कुमार यादव नई दिल्ली की रिपोर्ट
सुप्रीम कोर्ट की मॉनिटरिंग कमिटी के निर्देश पर दिल्ली में हो रही सीलिंग के विरोध में राजधानी में व्यापार बंद रहा। दुकानें बंद रहीं और व्यापारियों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। तमाम व्यापारिक संगठनों ने दिल्ली बंद का ऐलान किया। 2000 से ज्यादा व्यापारिक संगठनों के 7 लाख से ज्यादा व्यापारियों ने कारोबार बंद रखा है। बीजेपी, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के व्यापारिक संगठनों ने भी इस बंद का समर्थन किया। आम आदमी पार्टी की ट्रेड विंग ने हाथों में कटोरा लेकर मार्च निकाला। 
कैट ने कहा कि मनमाने तरीके से सीलिंग हो रही है। न सुनवाई है ना कोई नोटिस बस कमिटी आती है और सीलिंग कर देती है। कैट ने कहा बंद पूरी तरह सफल रहा। बंद से 1500 करोड़ के कारोबार के नुकसान का अनुमान है, वहीं 20 लाख कामकाजी घंटो का नुकसान हुआ। कैट ने कहा कि दो दिन में सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार है। फिर हम संसद से सड़क और सड़क से कोर्ट तक लड़ाई लड़ेंगे। व्यापारियों ने दिल्ली में 100 जगह धरने और 500 जगहों पर प्रोटेस्ट मार्च निकाला।
यह बंद केवल व्यापारिक प्रतिष्ठानों तक ही सीमित रहा। ट्रांसपॉर्ट और अन्य सार्वजनिक सेवाएं इससे प्रभावित नहीं हुईं।  इस बंद को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए थे। दिल्ली पुलिस के अलावा अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियां भी बाजारों में तैनात की गईं। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने इस बंद का आह्वान किया था। इसमें रीटेल कारोबार के साथ-साथ थोक व्यापार भी पूरी तरह बंद रहा। लोगों को रोजमर्रा की जरूरत की चीजें खरीदने में दिक्कते हुईं।

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