उरई(जालौन)।भारतीय मुक्ति मोर्चा के दर्जनों लोगों ने  टाउन हॉल से लेकर कलेक्ट्रेट तक रैली निकाली
 इनकी प्रमुख मांगे-हैं कि भीमा कोरेगांव में दंगा भड़काने वाले मनोहर भिंडे मिलन एकबोटे आनंद दुबे को फांसी की सजा दी जाए ।इन तीनों पर अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति अत्याचार निर्मूलन कानून 1989 के अनुसार गुनाह दाखिल होने के बाद भी पुलिस द्वारा उनको अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया। जबकि उनको ही संरक्षण देना यह न्याय प्रक्रिया को महत्व न देने की नीति है।तथा आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए तथा उन्हें संरक्षण देने वालों के खिलाफ कठोर कार्यवाही होनी चाहिए। आपको बता दें कि शांतिपूर्वक एवं संवैधानिक तरीके से उपरोक्त घटना का निषेध करने के लिए महाराष्ट्र बंद में शामिल लोगों पर सरकार एवं प्रशासन के द्वारा दाखिल किए गए झूठे मुकदमे को वापस लिया जाए। बहुजन समाज के बौद्ध एवं मराठा समाज में अखबार और मीडिया के द्वारा विवाद खड़ा करने वाले पर कार्रवाई की जाए। इसमें पीड़ित एवं अन्यायग्रस्त लोगों की शिकायत पत्र पर पुलिस द्वारा FIR दर्ज नहीं किया जा रहा है इनका FIR दर्ज किया जाए तथा FIR दर्ज ना करने वाली अधिकारियों के विरोध में कार्रवाई की जाए। कोम्बिंग ऑपरेशन के तहत पुलिस और महाराष्ट्र सरकार द्वारा गिरफ्तार किए गए बेगुनाह युवाओं को रिहा किया जाए तथा उन पर लगाए गए झूठे मुकदमे को वापस लिया जाए ।
फसाद करने वालों को संरक्षण देकर जातीय तनाव निर्माण करने तथा फसाद करने वालों को संरक्षण देने वाले राज्य प्रशासन तथा पुलिस के विरोध में कार्रवाई की जाए।


मुख्य रूप से मौजूद- श्रीराम चौधरी,आर वी कुशवाह, एल आर अटल, जगजीलाल, संतराम वर्मा,धर्मेंद्र कुमार कदौरा, रामचरण गौतम,सत्यशील बौद्ध, कैलाश,लोकेश कुमार सैनी, रामकिशन साहेब बौद्ध, बाबूराम बौद्ध,नाथूराम बौद्ध (जिलाध्यक्ष) सभी शामिल रहे।

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