हाजीपुर वैशाली बिहार
राजाबाबू की रिपोर्ट :

 फलों का राजा आम जिनका पौधा अपने रूप में परिवर्तन करते हुए अब फूल देना शुरु कर दिया है यह पूर्ण रूप से फरवरी माह तक  मंजर के रूप में तैयार हो जाता है कुछ दिनों के बाद वह फल छोटा छोटा आकार में आ जाता है जिसको आम बोलचाल की भाषा में टिकोला कहा जाता है फिर लगभग 1 माह के बाद  एक परिवर्तन आती है जो उसमें कौसा यानि की आठवीं किसको कहा जाता है वह आती है और कुछ दिनों बाद फल पूर्ण रुप से तैयार हो जाती है और पकना शुरू हो जाता है

 इसकी प्रक्रिया लगभग फरवरी माह से लेकर अक्टूबर तक चलती है उसके बाद लोग इस फल को खाना शुरु कर देते हैं



 इस पौधे को उगाने के लिए यहां के किसान समय-समय पर उस पेड़ पौधों को सिंचाई किया जाता है जैसा ही फुल देना शुरू करता है  पेर को स्प्रे करवाते हैं मंजर का रूप लेते हैं इसे नष्ट करने के लिए 2 कीड़ा लग जाते हैं जिनका नाम बभनी और मधुवा के नाम से जाने जाते हैं कीरा फल उगने में काफी परेशानियां पहुंचाती है इससे बचाव के लिए लोग फल का आकार होने से पहले तीन चार बार छिड़काव करते हैं तब कुछ नष्ट होकर सही फल बच पाते हैं

Post A Comment: