विनय कुमार मिश्रगोरखपुर।पूर्वांचल का एकमात्र बीआरडी मेडिकल कॉलेज हमेशा किसी न किसी कारण से चर्चा में बना रहता है।वहीं एक बार फिर यह मेडिकल कॉलेज चर्चा में है।यह चर्चा विगत दिनों मेडिकल कॉलेज में लगी आग को लेकर के है।मालूम हो कि इस आग में वह सभी फाइलें जलकर राख हो चुकी हैं जो ऑक्सीजन कांड में गुनहगारों को सजा दिला सकती थी। यह आग जब लगी थी तभी लोगों ने यह अंदेशा जताया था कि कहीं ऑक्सीजन कांड के दोषियों को बचाने के लिए यह आग तो नहीं लगाई गई।इस मेडिकल कॉलेज में यह पहली बार नहीं लगी थी। इसके पहले भी दोषियों को बचाने के लिए आग लग चुकी हैं और फाइलें जल चुकी हैं।आपको बता दें कि 8 जनवरी को मेडिकल कॉलेज में आग लगी थी जिसमें अनगिनत फ़ाइलें जल चुकी थी और कुछ बचा ली गई थी लेकिन जब इन फाइलों की पड़ताल की गई तो पता चला कि ऑक्सीजन कांड की फाइल है जल चुकी हैं।इस घटना को लेकर लोगों में काफी आक्रोश है और लोगों का सिर्फ एक ही तर्क है कि कोई भी जांच पड़ताल उन मासूमों को न्याय नहीं दिला सकती है जो ऑक्सीजन कांड में मौत के मुंह में समा गए। तभी तो सरकारें जांच पड़ताल की नौटंकी करती हैं और नतीजा सिर्फ जांच पड़ताल तक ही रह जाता है और फरियादी को न्याय नहीं मिल पाता है तथा भ्रष्ट घूसखोर मानवता को कलंकित करने वाले लोग बच निकलते हैं।क्या यही न्याय है?यही सवाल मासूमों की आत्माएं पूछ रही हैं जो ऑक्सीजन कांड में मौत के मुंह में असमय समा गए थे।किसी भी घटना के जाँच की नौटंकी होती रहती है और अचानक आग लगती है सब कुछ राख हो जाता है तथा अफसर,दोषी आसानी से बच निकलते है।

Post A Comment: