घर के सामने खेल रही 7 वर्षीय बच्ची संदिग्ध परिस्थितियों में गायब
4 दिनों से गायब बच्ची का पुलिस नहीं लगा पाई अब तक सुराग
घाघरा नदी की चपेट में आने से मीना देवी का पूरा घर बाढ़ में हो गया था तबाह
3 बच्चों के पालन पोषण की जिम्मेदारी लिए हुए मीना लोगों के घर में करती है चौका बर्तन का काम
    विनय कुमार मिश्र
गोरखपुर।शाहपुर थाना क्षेत्र के पश्चिमी बशारतपुर की रहने वाली मीना देवी की बेटी काजल घर के सामने खेलते हुए रविवार को संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गई थी।
दरअसल मीना देवी के पति अर्जुन मुंबई में मजदूरी का काम करते हैं।मीना देवी सोमवार को रोज की तरह अपने तीनों बच्चों को घर पर छोड़ कर चौका बर्तन का काम करने शाम को निकल गई। घर के सामने खेल रहे उनके दोनों बच्चे काजल (7) व अजय (10)एक साथ खेल रहे थे।जबकि 7 महीने का बच्चा घर में सो रहा था ।
अचानक सो रहे बच्चे के रोने की आवाज सुनकर अजय उसे चुप कराने अंदर चला गया।बच्चे को चुप कराकर वापस लौटने पर मीना घर के बाहर नही दिखी।आस पास खोजबीन करने के बाद अजय ने इसकी सूचना मकान मालिक को दी।इसके बाद  घर पहुँचने पर मीना देवी को जब बच्ची के गायब होने का पता चला तो उसका रो-रो कर बुरा हाल हो गया। इसके बाद मीना देवी ने तत्काल इसकी सूचना स्थानीय पुलिस चौकी प्रभारी हड़हवा फाटक संजय सिंह को दी। 3 दिन तक कोई कार्यवाही होता ना देख मीना देवी ने शाहपुर थाने का दरवाजा खटखटाया।पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर बच्ची की तलाश जारी कर दी है।पुलिस ने एक बार चाइल्ड लाइन पर इसकी सूचना दर्ज कराने के लिए मीना देवी को सलाह भी दी।
मीना देवी लखीमपुर खीरी की मूल निवासिनी है। जहां घाघरा नदी के प्रलय ने मीना देवी के घर को नदी में बहा ले गई । इसके बाद मीना देवी ने रोजी रोटी के जुगाड़ में मुख्यमंत्री के शहर का रुख किया।यहाँ 3 महीनों से लोगों के घरों का चौका बर्तन का काम कर अपने बच्चों का पालन पोषण करती है।

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