सीएम योगी के प्रतिष्ठा की सीट पर प्रत्याशी को लेकर चल रहा मंथन,इन मे से हो सकता है कोई उम्मीद्वार
       विनय कुमार मिश्र
गोरखपुर।आखिर जिसका इन्तेजार पूरे गोरखपुर को था उसका समय एक दम करीब आ गया है।वो मौका है गोरखपुर संसदीय चुनाव। दशको से ये सीट गोरक्षपीठ के पास रहती आ रही है।अब महंत योगी आदित्यनाथ जी के मुख्यमंत्री बनने पर ये सीट रिक्त हुई है। इस सीट पर किसे लडाया जाए इसके लिए लखनऊ से लेकर दिल्ली तक माथा पच्ची पूरी कार्य समिति कर रही है।साथ ही साथ टिकट प्राप्त करने के लिए लखनऊ से लगाये दिल्ली तक गणेश परिक्रमाओं का दौर शुरू हो गया है।
इन चेहरों पर खेल सकती है भाजपा दांव;
1 -महंत रवींद्रदास - दशकों से मंदिर से जुड़े हुए है। योगी जी के करीबी कालीबाड़ी के महंत है । गोरखपुर प्रवास के दौरान योगी जी के साथ रहते है।शांत स्वभाव के महंत रवींद्र दास की दावेदारी इसलिए भी नही झुटलाई जा सकती क्यो की जितना लोग योगी आदित्यनाथ से परिचित है उतना ही रविन्द्रदास जी से भी क्योकि हर जगह वो  योगी जी के साथ मौजूद रहते थे।सन्त एवम भगवा धारी होने के कारण वोटो पर अच्छा प्रभाव डाल सकते है।
2-महंत पंचानन पुरी:-गोरखनाथ मंदिर के करीबी चचाई राम मठ के पंचानन पुरी जी महंत है।योगी जी के साथ हमेसा देखा जा सकता है।महंत व मंदिर से सम्बन्ध इनकी दावेदारी को मजबूत करता है।
3--उपेंद्र दत्त शुक्ला - भाजपा के पुराने कार्यकर्ता शुरू से पार्टी के लिए काम करने वाले वर्तमान में क्षेत्रीय अध्यक्ष है। इन्हें  पार्टी द्वारा समायोजन का वादा किया गया था।ऐसे में जुझारू कार्यकर्ता होने के नाते इन्हें भी सम्भावित प्रत्याशी कहा जा सकता है।
4- डॉ धर्मेंद्र सिंह--*अभी हाल ही मे प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य बनाये गए है।भाजपा के पुराने कार्यकर्ता है।कार्यकर्ताओ में अच्छी पकड़ है।मेयर टिकट के लिए अपनी धमाकेदार उम्मीदवारी किये थे।आखरी समय टिकट कट गया।पुराने समय से भाजपा के साथ खडे रहने वाले धर्मेद्र सिंह महानगर अध्यक्ष भी रहे है।
5-रमाशंकर शुक्ला --भाजपा नेता व केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री शिवप्रताप शुक्ला के करीबी रामशंकर शुक्ल भी लाइन में है पर इनकी उम्मीदवारी कम है। क्योकी टिकट पर योगी इफेक्ट हावी है।।पर उम्मीद वारी को नकारा नही जा सकता ।
6-द्वारिका तिवारी - मंदिर सचिव और योगी आदित्य नाथ के खासम खास द्वारिका तिवारी भी उम्मीदवार बनाये जा सकते पीठ से जुड़े हुए भी है।ब्रह्मलीन महंत अवैद्यनाथ जी के समय से मंदिर व योगी जी समस्त कार्य देख रहे इस लिए इनकी भी उमीदवारी मजबूत है।
7--डॉ सत्या पांडेय - पूर्व महापौर और पुरानी भाजपा नेत्री सत्या पांडेय भी कतार में है। तेज तर्रार और सर्वसुलभ महिला है। इस लिए अपनी महिला सशक्ति छवि दिखाने के लिए इन पर भी दांव अपनाया जा सकता है।
8--डॉ राधा मोहनदास अग्रवाल -- सदर विधायक डॉ राधा मोहनदास अग्रवाल भी अपनी रुचि इस सीट पर दिखा रहे पर उनके हठी रवैए, एकाधिकार  और अत्यधिक तेज तर्रार होने के कारण इन पर योगी जी जोखिम नही उठा सकते।
इसके अतिरिक्त वेदान्ती महाराज और चिन्मयानन्द का नाम जमकर चल रहा हैं।लेकिन कुछ लोगों का ये भी कहना है कि बाहरी लोगों को लडाया जा सकता है जो भविष्य में मंदिर व योगी जी के खिलाप न जा सके अगर जायेगा भी तो कुछ न कर सके।कुल मिलाकर टिकट उसी को मिलता दिख रहा है जो योगी जी, मंदिर का परम भक्त हो और इनके लिए राजनितिक बलिदान को तैयार रहे।
         अब देखना ये होगा की टिकट किसको मिलता है?? अभी विपक्ष की पार्टियों ने भी अपना पत्ता नही खोला है।

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