जिला  बेतिया - नरकटियागंज


 चंदन गोयल

नरकटियागंज बनवरिया में माघ में वसंत पंचमी फाल्गुन में महा शिवरात्रि एवं वैशाख में बैशाखी मेला के रूप में प्रसिद्ध है।आज से महाशिवरात्रि का मेला बनवरिया शिवमंदिर में लगा हुआ है।राज्य के विभिन्न जगहों से आये हुए श्रद्धालुओं की भीड़ लगी हुई है।यह मेला सात दिनों तक लगती है।श्रद्धालुओं को ठहरने के लिए उत्तम व्यवस्था की गई है।बहु बेटियों के लिए शौचालय की भी व्यवस्था की गई है।बहुत दिन पहले भक्तु दास बाबा आए उन्होंने इस जगह पर कुटी बना कर रहने लगे।स्वप्न में देखे की पीपल के पेड़ के नीचे शिव जी का शिवलिंग है।उसके बाद गांव में चंदा इकट्ठा करके मंदिर का निर्माण कराए।जो श्रद्धालू भोले नाथ के दर्शन कर के कुछ मांगते है उनकी मनोकामना पूरी होती है।गाँव के सभी लोग एवं जनप्रतिनिधी के द्वारा एक विकास कमिटी का गठन किया गया है।और जो भी चंदा आता है उस पैसे को मंदिर परिसर के विकास में खर्च किया जाता है।यहाँ प्रवासी साइबेरियन पक्षियों का पास के तालाब में जमावड़ा लगता है।प्रवासी पक्षियों को मेला के 15 दिन के बाद देखा जा सकता है।मंदिर के पास के तालाब में 7 कुँआ है जिसका पानी कभी नही सूखता है तालाब में एक रहस्यमयी सुरंग है सुरंग कहा जाता है इसका पता नही है।जो रहस्यमयी बना हुआ है।यहा पास के तालाब के किनारे ग्रामीण जनता के सहयोग से बहुत सारे आस पास में पेड़ लगाए गए है।साथ ही रम्भू पासवान सरपंचपति,व्यवस्थापक अरुण कुमार गिरी,मंदिर की अध्यक्षता बाबा अनिरुद्ध गिरी,भोला दास, मोतीलाल साह, उप प्रमुख सरोज देवी,मुखिया दुर्गावती देवी,मुखिया जनप्रतिनिधि रंजीत कुमार बैठा इत्यादि लोगों का इस मंदिर को विकास हेतु और मेला का आयोजन करने में महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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