दुल्हिन" के साथ ही आयेंगें मैथिली फिल्मों के अच्छे दिन: अमित कश्यप

अनूप नारायण सिंह की रिपोर्ट :



 मंसूरचक, कई दशक पूर्व से ही मैथिली फिल्मों का निर्माण शुरू होने के बावजूद अब तक मैथिली फ़िल्म इंडस्ट्री संक्रमण के दौर से ही गुज़र रही है।देश की कई भाषाओं में फ़िल्म इंडस्ट्री पूर्ण विकसित हो चुकी है किंतु मैथिली भाषा सर्वाधिक कर्णप्रिय, सरल व मिठास भरी होने के बाद भी इस क्षेत्र में संघर्ष के दौर से गुज़र रही है इसके पीछे कहीं न कहीं मैथिली भाषी लोगों की उदासीनता भी रही है किंतु अब लोगों में सजगता आ चुकी है और लोग इस इंडस्ट्री को भी विकसित करने की दिशा में प्रयत्नशील हो रहे हैं यह उत्साह की बात है।ये बातें बिहार सिने आर्टिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष सह चर्चित बॉलीवुड अभिनेता अमित कश्यप ने अपनी आगामी मैथिली फीचर फिल्म "लव यू दुल्हिन" के प्रमोशन करने के दौरान कही।श्री कश्यप ने कहा कि हाल के वर्षों में मैथिली भाषा में भी कई फिल्में बन रही हैं जो इसके भविष्य के लिए सुखद संदेश है।अपनी प्रदर्शन को तैयार फिल्म "लव यू दुल्हिन" के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि पहली बार अपनी मातृभाषा में फ़िल्म करना गौरवशाली क्षण रहा।उनके अनुसार कोसी क्षेत्र में पिछले वर्षों में आये बाढ़ (कुसहा त्रासदी) को आधार कर बनाई गई इस फ़िल्म के निर्माता विष्णु पाठक व रजनीकांत पाठक और निर्देशक मनोज श्रीपति हैं जबकि कलाकारों में चर्चित अभिनेत्री प्रतिभा पांडे,विकास झा,आलोक कुमार,इंनुश्री,पूजा पाठक,शुभनारायन झा,संतोष कुमार,विजय मिश्र,अनिल पतंग,राकेश महंथ,अजय अनंत,रंजीत गुप्त,अरविंद पासवान,संजीव पहलवान,हीरा तंजीम,बबलू आनंद,पंकज पराशर,अशोक दीपक आदि प्रमुख भूमिका में हैं।उन्होंने कहा कि दुल्हिन के साथ ही मैथिली फिल्मों के अच्छे दिन की शुरुआत होगी।बताते चलें कि रेशमा चौहरमल की लोककथा पर बनी हिंदी फीचर फिल्म "चौहर" में मुख्य भूमिका निभा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आये श्री कश्यप ने देश की कई भाषाओं में लगभग दर्ज़न भर फिल्मों में प्रमुख भूमिका नुभाई है।रामगोपाल वर्मा की वास्तुशास्त्र,टूटे न सनेहिया के डोर, तीज,मनवा के मीत, जट जटिन, सईयां ई रिक्शावाला,गुलमोहर आदि इनकी चर्चित फिल्में हैं।श्री कश्यप बेगूसराय के सीमांचल पर बसे मंसूरचक के मूल निवासी हैं।

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