ग्रामीण जन शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त कर अपने आर्थिक स्तर को सुदृढ़ बनाये -डी.एम.
गांव को खुले में शौच से मुक्त बनाने का आवाहन्। 
सुलतानपुर 
 जिलाधिकारी संगीता सिंह ने कहा कि वर्तमान शासन की मंशा गरीब व निर्बल वर्ग के व्यक्तियों को शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाकर उनका आर्थिक स्तर सुदृढ़ करना है। उन्होंने कहा कि आज इस चैपाल में विभिन्न विभागों के अधिकारियों द्वारा शासन द्वारा संचालित योजनाओं के बारे में जानकारी दी गयी है। ग्रामीण जन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ प्राप्त कर अपना जीवन स्तर ऊपर उठायें। जिलाधिकारी आज कुड़वार ब्लाक अन्तर्गत ग्राम मुडुई नेवादा में शीतकालीन भ्रमण के दौरान आयोजित चैपाल कार्यक्रम को सम्बोधित कर रही थी। 
जिलाधिकारी ने ग्रामीणों का आवाहन् किया कि वे स्वच्छता मिशन कार्यक्रम के अन्तर्गत अपने -अपने घरों में शौचालयों का निर्माण कराकर अपने गांव तथा जिले को अक्टूबर 2018 के पूर्व खुले में शौच से मुक्त कराने में अपना सहयोग दें। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि इस गांव में दो सौ लोगांे के घरों में स्वच्छ शौचालयों का निर्माण हुआ है। उन्होंने सभी को इस पुनीत कार्य के लिए बधाई दी। उन्होंने इस अवसर पर दस पात्र लाभार्थियों को स्वच्छ शौचालय की प्रथम किस्त का स्वीकृत पत्र भी प्रदान किया। उन्होंने स्वच्छता कार्यक्रम पर विशेष बल देते हुऐ कहा कि स्वच्छता से स्वास्थ्य अच्छा रहता है तथा स्वस्थ व्यक्ति ही समाज व राष्ट्र के निर्माण में अपनी भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि जो ग्रामीण जन स्वयं से शौचालय बनाने में सक्षम हों वे अपना शौचालय स्वयं बनायें। गरीब व निर्बल वर्ग के व्यक्तियों को शौचालय निर्माण हेतु सहायता राशि उपलब्ध कराई जायेगी। उन्होंने कहा कि यह गांव एन.एच.56 से जुड़ा हुआ है। इस गांव के जिन लोगों की जमीन सड़क निर्माण में गई है, उसकी उन्हें क्षतिपूर्ति मिली है। उन्होंने कहा कि प्राप्त क्षतिपूर्ति की धनराशि का सद्पयोग कर अच्छे कार्यों में लगायें। 
जिलाधिकारी ने इस अवसर पर ग्राम में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं की समीक्षा की तथा ग्राम वासियों से जानकारी प्राप्त  कर सत्यापन किया। यह गांव सम्पर्क मार्ग से जुड़ा है तथा विद्युतीकृत है। इस गांव में वृद्धापेंशन के 37 , विधवा पेंशन के 19, दिव्यांग पेंशन के 15 लाभार्थी है, जिन्हें पेंशन मिल रही है। इस गांव में 85 लोंगों को अन्त्योदय तथा 332 लोगों को पात्र गृहस्थी का राशन कार्ड दिया गया है। इस गांव में 26 हैण्डपम्प स्थापित हैं। इस गांव में 210 किसानों का पंजीकरण किया गया है तथा 63 लोगों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड तथा 06 लोगों को बीज की सुविधा उपलब्ध कराई गयी है। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से एन.एन.एम. तथा आशा के कार्यों की जानकारी  ली। इस गांव में 06 बच्चे कुपोषित की श्रेणी में हैं।उन्होंने गांव को कुपोषण मुक्त बनाने का आवाहन् किया। इस गांव में नियमित टीकाकरण किया जा रहा है। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनी , जिसमें चारागाह पर अतिक्रमण, नाले की समुचित सफाई न होने  तथा राशन कार्ड व पेंशन के बारे में ग्रामीणों ने जानकारी दी। जिलाधिकारी ने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे ग्रामीणों के नाम नोट करें तथा समस्याओं का तत्काल निराकरण कर विभागीय सुविधाएं उपलब्ध करायें। 
कार्यक्रम का संचालन करते हुऐ जिला विकास अधिकारी डाॅ.डी.आर.विश्वकर्मा ने ग्राम्य विकास की विभिन्न योजनाओं एन.आर.एल.एम. , मनरेगा, पेयजल आदि योजनाओं के बारे में ग्रामीणों को विस्तार से जानकारी दी। मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ.सी.वी.एन.त्रिपाठी ने स्वास्थ्य, उपनिदेशक कृषि शैलेन्द्र शाही ने कृषि, जिलापूर्ति अधिकारी संजय कुमार प्रसाद ने खाद्यान्न वितरण व राशन कार्ड, डी.पी.आर.ओ. सर्वेश पाण्डेय ने स्वच्छता कार्यक्रम, बी.एस.ए. कौस्तुभ कुमार सिंह ने बेसिक शिक्षा, जिला समाज कल्याण अधिकारी आर.सी. दूबे ने पेंशन योजनाओं , सी.वी.ओ. डाॅ.अजीत सिंह ने पशुपालन, प्रोबेशन अधिकार विनोद राय ने निराश्रित महिला पेंशन, डी.पी.ओ. एस.के.मिश्रा ने बाल विकास विभाग की योजनाओं के बारे में ग्रामीणों को जानकारी दी। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी सदर प्रमोद पाण्डेय, जिला सूचना अधिकारी आर.बी.सिंह व सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम के प्रारम्भ में ग्राम प्रधान नफीस खां ने पुष्प भेंटकर जिलाधिकारी का स्वागत किया। इस अवसर पर  प्राथमिक विद्यालय की छात्राओं द्वारा स्वागत गीत एवं नृत्य प्रस्तुत किया गया, जिसकी जिलाधिकारी द्वारा सराहना की गयी। 

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