बॉलीवुड ने ठुकराया तो हॉलीवुड ने अपनाया और बंदे ने बना दिया इतना बड़ा रिकॉर्ड


पटना से अनूप नारायण सिंह की खास रिपोर्ट :

'भाग्य में अगर पित्तल हो तो लाख कोशिश करके भी सोना नहीं मिलता', पर 'भाग्य में अगर सोना हो तो भी लाख कोशिश करके भी पित्तल नहीं मिलता', इस बात को साबित करते हैं चम्पारण के शान प्रभाकर शरण (lचम्पारण के मोतिहारी (पैतृक - छपरा) के निवासी प्रभाकर शरण के माता पिता मोतिहारी में बैंक में कार्यरत हैं। अपना बचपन मोतिहारी में और पढाई पटना सेंट्रल स्कूल में पूरा किए प्रभाकर बचपन से ही एक्टिंग के शौकीन हैं। पढाई पूरी करते ही हिरो बनने के लिए मुम्बई पहुंच गए और संघर्ष शुरू कर दिया। भोजपुरी तथा हिन्दी सिनेमा के कई लोगों से मिले बात किया लेकिन बात नहीं बनी और बार बार वो असफल रहे। किसी भी फिल्म में काम नहीं मिलने से निराश नहीं होकर बॉलीवुड से भी एक कदम आगे जाने का संकल्प लिया और कोस्टा रिका (लैटिन अमेरिका) चले गए। वहाँ जाकर खर्च चलाने के लिए अगरबत्तियां भी बेची, कपड़े का करोबार भी किया लेकिन व्यापार में भी घाटा हुआ, वही रहकर बॉलीवुड की फिल्मों को कोस्टा रिका में डिस्ट्रीब्यूट करने का काम शुरू किया और बॉलीवुड की कुछ फिल्मों को खरीद कर वहां की सिनेमाघरों में चलवाया। इसमें कुछ खास फायदा नहीं होता था। हर तरफ से असफलता हासिल होने के बाद भी हार नहीं माने और आखिरकार मंजिल मिल ही गई। हॉलिवूड के कलाकारों के साथ प्रभाकर शरण ने एक ऐसी फिल्म बनाई जो पहली इंडियन लैटिन अमेरिकन फिल्म है। इस फिल्म में WWE के वर्ल्ड चैम्पियन स्कॉट स्टाइनर भी अहम भूमिका में हैं।स्पेनिस में फिल्म 'एनरेदादोस ला कन्फ्यूजन' 2017 की सुपर हिट लैटिन अमेरिकन फिल्म रही। और अब हिन्दी तथा भोजपुरी में 'एक चोर दो मस्तीखोर' नाम से यह फिल्म पूरे भारत में भी जल्दी रिलीज होने वाली है। प्रभाकर शरण ने बताया कि यह फिल्म बॉलीवुड स्टाइल में हॉलीवुड की ऐसी फिल्म बनी है जो अन्तर्राष्ट्रीय फिल्म जगत में नया इतिहास बनाएगी।

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