शौचालय निर्माण में जमकर हो रही है धांधली
         विनय कुमार मिश्र
गोरखपुर।जिस मंशा से भारत सरकार लोगों के घरों में शौचालयों का निर्माण करा रही है वह मंशा धरातल पर उतरने से पहले ही धाराशाही हो जा रही है। तहकीकात के क्रम में पता चला की सबसे बड़ी धांधली सरदारनगर,ब्रह्पुर ब्लॉकों में हो रही है।कई गांव के लोगों ने आरोप लगाया कि प्रधान स्वयं शौचालयों का निर्माण कराकर रकम स्वयं ले लेते हैं।मालूम हो कि चेक पात्र व्यक्ति के हाथ में आता है और उसका भुगतान करा कर पैसे प्रधान स्वयं ले लेते हैं।कहीं-कहीं ऐसा नहीं है।प्रधान स्वीकृति दे देते हैं और लोग स्वयं निर्माण करा लेते हैं।यही तरीका मान्य और सत्य है। शौचालय निर्माण में धांधली का पता तब और पुख्ता होता है जब गड्ढे की खुदाई का मानक देखने को मिलता है।जितने गांव हैं उतने अलग-अलग गड्ढों की खुदाइयों का मानक है। गांव में यह भी पता चलता है कि ग्राम प्रधान स्वयं ठेका ले कर निर्माण कार्य करा रहे हैं या उनके आदमी।जबकि सरकार का यह साफ निर्देश है कि इस कार्य में ग्राम प्रधानों की कोई भूमिका नहीं होगी। कुछ लोगों ने तो यह भी आरोप लगाया कि आठ से नौ हजार रूपये में शौचालयों का निर्माण करा कर सारी रकम ग्राम प्रधान द्वारा बचा ली जा रही है।गांव में लोग ने यह भी आरोप लगाया कि जितने भी शौचालय बन रहे सब के सब गुणवत्ताहीन है।सभी शौचालयों में दो नम्बर के ईट,सिमेंट आदि प्रयोग किये गये है।ग्राम भैसहीं में तो बिना निर्माण के शौचालय का पैसा बांट देने का भी आरोप लगाया गया है।समझ में नही आ रहा है कि जिम्मेदार अधिकारी कहाँ सो गये है और अगर जाँच हो रही है तो फिर ऐसी धाधली कैसे हो रही है।

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