सूरज कुमार (उन्नाव ब्यूरो) की रिपोर्ट
किसानों पर फिर पड़ी मौसम की मार
उन्नाव :
मौसम के अचानक और समय से पहले हुए  बदलाव से इस वर्ष गेँहू के उत्पादन पर असर पड़ सकता है। क्योंकि फरवरी माह से ही तेज धूप होनी शुरू हो गयी है।जिससे खेतों में खड़ी गेँहू की फसल झुलसने लगी है।जिससे गेँहू की पैदावार में काफी गिरावट होने की शंका जताई जा रही है।
वर्तमान समय में ज्यादातर तापमान 28 से 29 डिग्री सेल्सियस के इर्द- गिर्द है। अगले कुछ दिनों में तापमान बढ़ने के अनुमान है।तेज धूप खेत की नमी शोख़ रही है।जिसका प्रभाव सीधा   गेँहू की फसल पर पड़ रहा है। खेतों की नमी नष्ट होने से मौजूदा गेँहू  की फसल भी झुलसने लगी है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुमान के अनुसार  अगर इसी प्रकार तेज धूप होती रही तो इस वर्ष भी गेंहूँ का उत्पादन गिर जाएगा। इससे किसानो को भारी मात्रा में आर्थिक हानि का सामना करना पड़ सकता है। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को खेतों में नमी बनाए रखने के सुझाव दिए है ।उनका मानना है कि अगर खेतो में नमी कम हुई तो इसका असर सीधे गेँहू की पैदावार पर होगा। सूत्रों के अनुसार इस वर्ष 242865 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेँहू बोया गया। कृषि विभाग ने 777 मीट्रिक टन के आसपास की पैदावार का लक्ष्य रखा है। लेकिन समय से पहले हुई तेज धूप के कारण यह लक्ष्य पूरा होने की आशंका जताई जा रही है।

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