निशान्त शुक्ला पत्रकार चौबेपुर कानपुर नगर 

कानपुर । उत्तर प्रदेश के प्रमुख तीर्थो में से एक बिठूर जो कि सृष्टि का आदि तीर्थ व 1857 की क्रांति भूमि कहि जाती है महारानी लक्ष्मीबाई, बाजीराव पेशवा,तात्या टोपे आदि की कर्म भूमी रही है ।
      बिठूर जो कि पर्यटन की दृष्टि से भी सूबे में प्रमुख हैं और सरकारो द्वारा करोड़ो रूपये भी बिठूर में लगाया जा रहा है लेकिन धरातल की सच्चाई देख कर आने वाले तीर्थ यात्री व पर्यटकों का मन  क्षुब्ध हो जाता है और यात्री सूबे व देश के मुखिया को कोशते नजर आते हैं मैं बात कर रहा हू बिठूर के प्रमुख स्नान घाटों में से एक गुदारा घाट की जहाँ पर रोज 2 से 4 हजार तीर्थ यात्री स्नान करता है लेकिन सुविधा के नाम पर यात्रियों के लिए कुछ नही न ही घाट पर सफाई और नही ही घाट के पास कोई शौचालय है स्थिति इतनी भयावह है कि वर्तमान में महाशिव रात्रि के दौरान चलने वाले काँवरिया हजारों की संख्या में
गंगा के तट पर खुले में शौच करते हैं जिससे भयंकर गंदगी फैलती है और यह स्थिति उस घाट की जिस घाट पर सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ अभी कुछ दिन पहले ही पूजन व गंगा आरती कराकर गए हैं । 

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