Budget 2018: टैक्स स्लैब में राहत नहीं, टीवी और मोबाइल होंगे महंगे, वही नीतीश ने बजट को बताया बेहतर

पि-न्यूज़ सेन्ट्रल डेस्क :-

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्रीय बजट को बेहतर बताते हुए इसके लिए केंद्र सरकार को धन्यवाद दिया है। उन्होंने कहा है कि यह गरीबों के लिए फायदेमंद साबित होगा।वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बजट भाषण में घोषणा की है कि 2022 तक हर घरविहीन को आवास मुहैया करा दिया जाएगा। प्रदेश में ऐसे गरीबों की संख्या 25 लाख है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2018-19 में देश में 49 लाख आवास बनाने का जेटली ने लक्ष्य रखा है।

जानें, बजट में पेश खास योजनाओं के बारे में

आयुष्मान भारत योजना 
देश के 10 करोड़ परिवारों को 5 लाख रुपये के बीमा कवर की योजना का भी ऐलान किया गया है। आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज के लिए 5 लाख रुपये तक का बीमा कवर साल में मिलेंगे। अब तक राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत साल में 30,000 रुपये का बीमा कवर ही मिलता था। 

प्याज, टमाटर और आलू एक तीर दो निशाने 
टमाटर, आलू और प्याज जैसे सालभर प्रयोग में आने वाले खाद्य वस्तुओं के लिए 'ऑपरेशन फ्लड' की तर्ज पर 'ऑपरेशन ग्रीन' लॉन्च करने की घोषणा की गई है। इसके लिए सरकार ने 500 करोड़ रुपये का आवंटन किया है। दरअसल सरकार ने इस योजना के जरिए किसान और मध्यम वर्ग दोनों को साधा है। ज्यादा उत्पादन होने पर किसानों द्वारा आलू, प्याज या टमाटर की बर्बादी रोकने और आम लोगों को बढ़ती कीमत से राहत देने के लिए केंद्र ने 'ऑपरेशन ग्रीन' से एक बड़ा कदम उठाया है। 

किफायती आवास निधि 
केंद्र सरकार राष्ट्रीय आवास बैंक के साथ मिलकर एक समर्पित किफायती आवास निधि बनाएगी। जेटली ने कहा, 'मेरी सरकार राष्ट्रीय आवास बैंक में एक समर्पित किफायती आवास निधि स्थापित करेगी, जिसे प्राथमिकता वाले क्षेत्र को दिए जाने वाले ऋण से धन मुहैया किया जाएगा।' सरकार की योजना है कि 2022 तक सभी के पास अपना एक घर हो। 

मछुआरों को किसान क्रेडिट कार्ड 
वित्त मंत्री ने किसान क्रेडिट कार्ड की तर्ज पर मछुआरों और पशुपालकों को भी कार्ड दिए जाने का ऐलान किया है। इससे उन्हें कर्ज मिलने आसानी होगी। सरकार का कहना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में दुग्ध उत्पादन का कारोबार करने वालों को मदद मिलेगी। इसके अलावा मत्स्य पालन से जुड़े लोगों की भी आर्थिक सहायता हो सकेगी। इस योजना के जरिए मोदी सरकार ओडिशा और दक्षिण के राज्यों के मछुआरों को साधने की कोशिश करती दिख रही है। ओडिशा में अगले साल विधानसभा चुनाव हैं वहीं, दक्षिण के राज्यों खासकर, आंध्रप्रदेश, केरल और तमिलनाडु में बीजेपी पांव जमाने की कोशिश में है। इस योजना के जरिए केंद्र ने इन राज्यों को वोटरों खासकर मछुआरों का भी ध्यान रखा है। 

उज्ज्वला योजना का विस्तार 
मोदी सरकार ने उज्ज्वला योजना के तहत गरीब परिवारों को मिलने वाले मुफ्त एलीपीजी कनेक्शकों की संख्या को 8 करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इस योजना से मोदी सरकार गरीब महिलाओं को पारंपरिक ईंधन से मुक्ति दिलाने का वादा कर रही है। इसके जरिए भी सरकार ने ग्रामीण वोटरों पर अपनी छाप छोड़ने की कोशिश की है। 

सौभाग्य योजना 
इसके साथ ही सरकार ने ग्रामीण इलाकों में बिजली कनेक्शनों की संख्या को 4 करोड़ परिवारों तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। यह स्कीम पीएम मोदी की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है। इस योजना के जरिए भी केंद्र सरकार ने ग्रामीण वोटरों को साधा है। 

मुद्रा योजना 
केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने चौथे बजट में योजगार और छोटे उद्दयोगों के लिए बड़ी घोषणा की है। वित्त मंत्री ने मुद्रा योजना के लिए 3 लाख करोड़ रुपए की घोषणा की। उन्होंने यह भी कहा कि 2014 में सरकार संभालने के वक्त पीएम नरेंद्र मोदी के सामने रोजगार मुहैया कराना एक बहुत बड़ी चुनौती थी और सरकार ने इस दिशा में बड़े कदम उठाए हैं। लघु और मझोले उद्योगों को आगे बढ़ाने के लिए वित्त मंत्री ने पिछली बार की तुलना में 20 फीसदी अधिक राशि मुद्रा योजना के लिए आवंटित करने की घोषणा की। पिछले साल यह रकम 2.44 लाख करोड़ थी। लघु उद्यमियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 2015 में प्रदानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह योजना शुरू की थी। एसकेओसीएच (SKOCH) के अनुसार, इस योजना से अब तक 5.5 करोड़ नौकरियों का सृजन हुआ है। औद्योगिक विकास वाले राज्यों को योजना का सबसे अधिक फायदा मिला है। इस योजना के जरिए स्वरोजगार करने वालों को साधने की कोशिश की गई है। 

मिडिल क्लास को झटका, नहीं बढ़ी इनकम टैक्स की सीमा
टैक्स स्लैब की मौजूद व्यवस्था कायम रहेगी। अभी 2.5 लाख रुपए तक की सालाना आय टैक्स मुक्त है। 2.5 से 5 लाख रुपए की आय पर 5 फीसदी की दर से टैक्स लगता है। इसके अलावा, इस वर्ग में 2,500 रुपये की अतिरिक्त छूट भी है, जिससे तीन लाख रुपए तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगता है। 5 से 10 लाख तक की आय पर 20 फीसदी टैक्स लगता है। 10 लाख रुपये से ज्यादा की सालाना आमदनी पर अभी तक 30 फीसदी के हिसाब से टैक्स लगता रहा है।

बजट में पेट्रोल और डीजल पर मूल उत्पाद शुल्क में दो-दो रुपये प्रति लीटर की कटौती की गयी है, लेकिन उत्पाद शुल्क में उपकर का हिस्सा दो-दो रुपये बढ़ा देने से कुल उत्पाद शुल्क में कोई बदलाव नहीं होगा।

वही संसद में गुरूवार को पेश बजट में कहा गया है कि, खुले पेट्रोल पर मूल उत्पाद शुल्क 6.48 रुपये से घटाकर 4.48 रुपये और खुले डीजल पर 8.33 रुपये से घटाकर 6.33 रुपये प्रति लीटर किया जायेगा। उत्पाद शुल्क के अंतर्गत अतिरिक्त उत्पाद शुल्क के नाम से लगने वाले सड़क उपकर का नाम बदलते हुए इसे छह रुपये से बढ़ाकर आठ रुपये कर दिया गया है। अब इसका नाम सड़क एवं बुनियादी ढांचा उपकर होगा। इस प्रकार कुल उत्पाद शुल्क में कोई बदलाव नहीं हुआ है। ब्रांडेड पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 7.66 रुपये से घटाकर 5.66 रुपये तथा ब्रांडेड डीजल पर 10.69 रुपये से घटाकर 8.69 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।

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