भारतवर्ष के नब्बे फीसदी लोगों ने विदेशी संस्कृति को पसंद करना शुरू कर दिया है:प्रो0 एस0एन0 शुक्ल

ब्यूरो रिपोर्ट :

गोंडा :किसी भी देश की संस्कृति पर भौतिकवाद का सीधा  प्रभाव पड़ता है, इसी के चलते भारतवर्ष के नब्बे फीसदी लोगों ने विदेशी संस्कृति को पसंद करना शुरू कर दिया है। जो पूरी तरह से अनुचित है। यह बातें शुक्रवार को लाल बहादुर शास्त्री पी0जी0 कालेज के भोतिकी विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित सेमिनार में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए डाॅ0 रा0म0लो0 अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद के प्रो0 एस0एन0 शुक्ल (विभागाध्यक्ष भौतिकी विभाग) ने व्यक्त किया।
उन्होंने सेमिनार में मौजूद छात्र-छात्राओं से कहा कि हमें भारतीय संस्कृति पर गर्व होना चाहिए। एक चित्र के माध्यम से उन्होंने समझाया कि थिंकिंग, विहैवियर तथा एटीट्यूड एक दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि भौतिक विज्ञान विकास व विनाश दोनो के ही कारकों मे से एक है। भौतिकी के मनोवैज्ञानिक पहलू को बताते हुए उन्होंने कहा कि सहानुभूति भरोसा बढ़ाने में मददगार होती है। वहीं सेमिनार में कालेज के प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष व पूर्व सांसद सत्यदेव सिंह ने कहा कि हमारी संस्कृति में ही विज्ञान छिपा है, हमारे ढेर सारे धर्म-कर्म व आचार-व्यवहार वैज्ञानिक तथ्यों पर ही आधारित हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा ऐसी चीज है जो जन्म से लेकर मृत्युपर्यन्त चलती रहती है। बल्कि हमारे देश में तो गर्भ में भी शिक्षा प्राप्त होने के उदाहरण मिलते हैं। एक संदर्भ में श्री सिंह ने कहा कि एक जमाना था जब मां-बाप को कंधों पर ढोया जाता था, और आज मां-बाप की सेवा हेतु संसद में कानून पास कराना पड़ा। इतनी भौतिक तरक्की के बाद भी यदि हम प्यासे हैं तो यह हमारे अधोपन की निशानी है। देश की पहचान उसके भौतिकता से नही बल्कि उसकी पुरातन संस्कृति से होती है। इसी तरह कालेज के सचिव कश्मीर सिंह सलूजा ने कहा कि देश की प्रगति में भौतिक विज्ञान की महती भूमिका है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से कहा कि वे भावी वैज्ञानिक बन कर राष्ट्र के नवनिर्माण में अपना योगदान दें। प्राचार्य डाॅ0 डी0पी0 सिंह ने भौतिक विज्ञान के उदाहरण से समझाया कि किस तरह से ऊॅं का उच्चारण हमें राहत पहुंचाता है।यह बताया कि किसी भी देश की प्रगति में भौतिक विज्ञान सहायक होता है। भौतिक विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डा0 जितेन्द्र सिंह ने सेमिनार के उपादेयता पर प्रकाश डालते हुए अतिथियों को प्रतीक चिन्ह व शाल भेंट कर उन्हें सम्मानित किया। सेमिनार में महाविद्यालय के वरिष्ठतम प्राध्यापक डाॅ0 ओंकार पाठक, डाॅ0 डी0के0 गुप्ता, डाॅ0 ए0पी0 तिवारी, डाॅ0 जी0एल0 प्रजापति, डाॅ0 शैलेन्द्र मिश्रा, डाॅ0 शिवशरण शुक्ला, डाॅ0 बी0पी0 सिंह, डाॅ0 मुकुल सिन्हा, डाॅ0 अरूण प्रताप सिंह ने अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया। इस दौरान अंजलि सिंह, रोली मिश्रा, खुशुबू निशा, अंजली वर्मा, इफ्शा इस्लाम, साक्षी, अंकिता व आकांक्षा समेत तमाम छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। संचालन रविकान्त शुक्ला, सोनम चैहान, रूचिता श्रीवास्तव एवं रामेश्वर नाथ ने संयुक्त रूप से किया। सेमिनार में भौतिक विज्ञान के 55 छात्र-छात्राओं ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किया।

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