टेरर फंडिंग केस
          विनय कुमार मिश्र
उत्तर प्रदेश एटीएस ने आतंकी संगठनों को फंड मुहैया कराने वाले 10 मददगारों को दबोचने में सफलता हाथ लगी है. एटीएस ने यूपी में गोरखपुर, कुशीनगर, आजमगढ़, लखनऊ के अलावा मध्यप्रदेश के रीवा और बिहार के गोपालगंज से कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया है. इनके मध्य प्रदेश के रीवा में टेरर फंडिंग से तार जुड़े हैं. एटीएस के अनुसार अभी और गिरफ्तारियां हो सकती हैं. एटीएस ने इन आरोपियों के पास से कुल 42 लाख रुपए नकद और फर्ज़ी दस्तावेज आदि बरामद किए हैं।
       एटीएस के आईजी असीम अरुण ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों ने दो गोरखपुर के नईम अरशद और नसीम अहमद हैं।वहीं दो प्रतापगढ़ के नीरज मिश्रा और संजय सरोज, एक लखनऊ का साहिल मसीह, कुशीनगर, पड़रौना का निखिल राय, आजमगढ़ का अंकुर राय और मध्यप्रदेश के रीवा का उमा प्रताप सिंह व बिहार के गोपालगंज का मुकेश प्रसाद शामिल है।उन्होंने बताया कि इसमें निखिल राय का असली नाम मुशर्रफ अंसारी है. लेकिन इसके सभी साथी इसे निखिल के नाम से ही जानते थे।उसके निर्देश पर खातों में राशि ट्रांसफर की जाती थी। इसमें इन एजेंटों को कुछ प्रतिशत का कमीशन मिलता था।पता चला कि ये सिमबॉक्स के अवैध नेटवर्क द्वारा पाकिस्तान में अपने आकाओं से संपर्क करते थे।उन्होंने कहा कि जांच अभी शुरुआती दौर में है, इसलिए ये सभी आतंकियों से संपर्क में थे ये कहना उचित नहीं होगा।इनमें से कुछ को पता था कि ये आतंकी फंडिंग, हालांकि कुछ इसे केवल लाटरीफ्रॉड मानकर चल रहे थे।इनके पास से कुल 42 लाख रुपए नकद बरामद किए गए हैं। साथ ही फर्जी खातों से संबंधित दस्तावेज आदि बरामद हुए हैं।अभी तक इस ग्रुप के तार पाकिस्तान, नेपाल के साथ मस्कट में मिले हैं।
उन्होंने कहा कि जिन खातों से लेनदेन हुई है, उन संदिग्ध व्यक्तियों के खातों की जांच की जा रही है।
         गोरखपुर शहर के मोबाइल कारोबारी नईम एंड संस के तीन प्रतिष्ठानों पर एटीएस की छापेमारी की गई।इस दौरान मोबाइल कारोबारी के दो बेटों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गयी।साथ ही छापेमारी के दौरान मौके से नगदी, कंप्यूटर, पेन ड्राइव और हार्ड डिस्क कब्जे में लिया गया है। इसके साथ ही एटीएस ने छापेमारी के बाद मोबाइल कारोबारी की तीनों दुकान को सील किया है।कैंट थाना के बलदेव प्लाजा, सुपर मार्केट और आनंद कटरा में स्थित मोबाइल की दुकानों पर छापेमारी की कार्रवाई की गई है।बता दें पिछले साल एटीएस ने मध्यप्रदेश में बलराम को गिरफ्तार किया था। पता चला कि वह आईएसआई के लिए काम करता था। वहीं टेरर फंडिंग का मास्टर माइंड बताया जाता है।वह मध्यप्रदेश के सोहास थाना कोटर जिला सतना का रहने वाला है।जांच में सामने आया कि उसने रज्जन नाम के शख्स के साथ मिलकर सतना और रीवा के 28 बैंक खातों से आतंकी गतिविधियों में संलिप्त आतंकवादियों को 15 करोड़ से ज्यादा की राशि पहुंचाई थी।खातों के जरिए बलराम ने रज्जन के साथ मिलकर पाकिस्तान में बैठे आकाओं के निर्देश पर दिल्ली से लेकर प्रदेश के अलग-अलग कोनों में सक्रिय नेटवर्क के मेम्बरों को मोटी राशि ट्रांसफर की. बलराम और रज्जन के 45 से ज्यादा खाते थे और तकरीबन 150 बैंक खातों के जरिए टेरर फंडिंग की।

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