जॉन डीकोष्टा निदेशक आरके स्पोकन जो कंकरबाग पटना मूल रूप से बिहार के पटना जिले के निवासी संघर्षों के बीच शिक्षा का अलख जगा रहे है।एक लंबे अंतराल से राजधानी पटना में अंग्रेजी भाषा के प्रचार-प्रसार में इनका एक अलग ही स्थान रहा है

 अनूप नारायण सिंह की खास खबर
जॉन डीकोष्टा का जन्म बिहार की राजधानी पटना में 15 फरवरी 1984 को एक मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ तीन भाई और एक बहनों के परिवार में इनके पिता श्री सुरेश प्रसाद जी सेल्स टैक्स विभाग में चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी थे लेकिन शिक्षा के प्रति उनकी संवेदना ने आज जॉन को बिहार का य यूथ   आइकॉन
बनाया है विगत 19 वर्षों से अंग्रेजी भाषा के प्रचार प्रसार में लगे  जॉन डीकोष्टा
ने एक लाख से ज्यादा छात्र छात्राओं को अंग्रेजी भाषा का ज्ञान दिया है इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है समाज के प्रति संवेदना कितनी है शिक्षा का अलख जगा रहे इस युवा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा राजधानी पटना में वह उच्च शिक्षा पटना विश्वविद्यालय से ग्रहण किया है कहा गया है कि किसी भी पुरुष की सफलता में नारी का अहम योगदान होता है इनकी पत्नी अनामिका का प्रवेश जब इनके जीवन में हुआ तब से उनके मन में शिक्षा का अलख जगाने के साथ ही साथ गरीब विकलांग असहाय छात्रों के लिए कुछ अलग कर गुजरने की तमन्ना जागी इन्होंने अपने संस्थान के दरवाजे असहाय गरीब छात्रों के लिए खोल दिया साथ ही साथ लड़कियों को 50 फ़ीसदी फ्री में छूट भी दी जॉन कहते हैं कि बिहार के छात्रों के सामने सबसे बड़ी समस्या भाषा की होती है वैसे तो बिहारी छात्रों में प्रतिभाग कूट-कूट कर भरी होती है लेकिन अंग्रेजी भाषा के ज्ञान के मामले में बिहार के छात्र पिछड़ जाते हैं उनकी इसी कमजोर ग्रंथि को दूर करने के लिए कई बड़ी नौकरियों को ठुकराकर
इन्होंने बिहार को अपना कार्य क्षेत्र बनाया

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