पेशे शिक्षक ने अपने इंजीनियर बेटे कि शादी बिना दहेज के

भोजपुर से हरीश कुमार


अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस कि बीती रात इससे बेहतर उपहार कुछ नहीं हो सकता था। इस रोज बिहार के भोजपुर जिले में एक शिक्षक ने अपनी पत्नी, बेटियों, और समाज को बेहतरीन उपहार दिया। स्थानीय हर प्रसाद दास जैन स्कूल से अवकाश प्राप्त शिक्षक माहेश्वरी कांत उपाध्याय ने इंजीनियर बेटे मयंक की शादी बिना दहेज के करके पुरी दुनिया को एक संदेश दिया। वहीं बेटे ने भी अपने पिता की भावना का आदर करते हुए इस शादी के लिए न सिर्फ हां कहा बल्कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस से तीन दिन पहले तिलक में मिले उपहार को लौटा कर उपस्थित लोगों को एक संदेश भी दिया। यही नहीं, मयंक ने इसके लिए बकायदा बैनर भी लगवाए थे। दरअसल इस दहेज मुक्त शादी की पटकथा तब लिखी गई जब परिवार के लोगों ने मयंक की शादी सोनवर्षा, जिला- बक्सर निवासी मनोज कुमार की बेटी अमृता से तय की। उसी रोज माहेश्वरी कांत ने स्पष्ट कर दिया कि दहेज का लेन-देन नहीं होगा। साथ हीं शादी की तिथि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस यानी आठ मार्च तय कर दी। उन्होंने इस तिथि पर हीं इस शादी की वजह बताते हुए कहा कि वो दरअसल अपनी पत्नी तथा बेटियों को पिछले कुछ वर्षों से अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का उपहार देना चाहते थे। संयोग हुआ और बेटे मयंक ने साथ दिया। इस शादी के मौके पर मयंक की दुल्हन अमृता भावुक हो गई। उसने कहा कि मेरे पति और ससुराल वालों से इस मौके पर मिला उपहार सिर्फ मेरे लिए हीं नहीं बल्कि पुरी दुनिया को मिला अनुपम उपहार है।

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