कुमार गौरब :



गांव पिअर  (बंदरा  )मे मातम है। सबों  की आंखे गमगीन और चेहरे मायूस ।  मानो सभी एक - दूसरे से यही पूछ रहे हों कि   आखिर यह दर्दनाक हादसा हुआ कैसे। हंसते खेलते करुणेश (15) और ऋषभ  (15)  दो अन्य हम उम्र दोस्तों के सात धुडखेल के बाद बूढीगंडक में  स्नान करने गया ।धोखे से अरुणेश और ऋषभ गहरे पानी मे चला गया। वह निकल नहीं पाया । दोनो डूब गये। फिर तों हंगामा - सा मच गया।  नदी तक आने वाले सभीरास्तों पर लोगों की हुजूम उमर पडी। पुरुष - महिलाएं सभी। महिलाएं छाती पीट रही थघ। दोनो बच्चो के पिता ,और सगे सम्बंधी दहाडें मार रहे थे। कुछ तैरने वाले युवकों ने गोता लगाया और दोनो बच्चों की लाश निकाल  गयी। दोनो अपने माता - पिता की इकलौती संतान ःएक डीएभी में और दूसरा सत्य साईं इन्टरनेशनल स्कूल में। माहौल ऐसा कि कठोर हृदय इंसान भी रो पडा। थानाप्रभारी धर्मवीर भारती ने अपने वहन पर दोनो की लाश लेकर आनन फानन मे निकटतम नर्सिंग होम पहुंचाए । वहां थोडी प्राथमिक चिकित्सा के बाद मुजफ्फरपुर के लिए रेफर कर दिया।  शहर के प्रशांत हास्पिटल मेंले जाया गया। हमलोग भी साथ थे। वहां हमारे एक ग्रामीण और छोटे भाई डाक्टर चंदन कुमार ने तुरत दोनो युवकों की जाऔच की और भारी मन से दोनो को मृत घोषित कर दिया। हम सभी लाश के साथ बुझे मन से वापस आगये। समद नही पा रहखकि इनके माता- पिताको सांत्वना कैसे दिया जाए ?

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