31 मार्च, 2018 तक स्वच्छता आच्छादन का लक्ष्य 50% तक प्राप्त किया जाना है। इसके आलोक में इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पूर्व से ही निर्धारित रन रेट के अनुरूप कार्य किया जाना था। परंतु प्रखंड विकास पदाधिकारी कटरा द्वारा अपेक्षित सुधार नहीं हो पाना यह परीक्षित करता है कि ओडीएफ कार्य का अनुश्रवण एवं पर्यवेक्षण समुचित ढंग से नहीं किया जा रहा है। दिनांक 30 मार्च, 2018 को उप विकास आयुक्त द्वारा बार-बार दूरभाष पर प्रखंड विकास पदाधिकारी कटरा से संपर्क स्थापित करने का प्रयास किया गया। परंतु प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा दूरभाष नहीं उठाया गया। फलस्वरुप ओडीएफ कार्य का अनुश्रवण एवं समीक्षा नहीं किया जा सका, जो आपके कर्तव्यहीनता एवं कार्य प्रणाली पर प्रश्न उत्पन्न करता है। पूर्व में भी डीडीसी द्वारा विभिन्न बैठकों में ओडीएफ कार्य की प्रगति की दिशा में कारगर कदम उठाने का निर्देशित किया गया है। परंतु आपके स्तर से कोई कार्यवाही ना कर के अनावश्यक रुप से ओडीएफ कार्य को विफल करने का प्रयास किया गया है। निर्धारित लक्ष्य 29712 के विरुद्ध 7943 लक्ष्य की प्राप्ति एवं प्रखंड अंतर्गत 22 पंचायत के स्थान पर 19 पंचायत में शौचालय कार्य निर्माण कराना तथा शौचालय निर्माण की लक्ष्य 3150 के स्थान पर 369 में कार्य प्रारंभ और शौचालय पूर्णता का लक्ष्य 2632 के विरुद्ध 429 को पूर्ण कराना परिलक्षित करता है कि कार्य के प्रति संवेदनशील नहीं है।
फॉर्म कलेक्शन लक्ष्य 3000 तीन हजार  के विरुद्ध 1096 फॉर्म कलेक्ट किया गया है। एमआईएस का लक्ष्य 29712 के विरुद्ध 7997 का एमआईएस प्रविष्टि एवं जियो टैगिंग का लक्ष्य 7623 के विरुद्ध 3372 का जियो टैगिंग भी होना आपके लापरवाही को दर्शाता है।
शौचालय निर्माण कराए गए 2158 लाभुकों के विरुद्ध 1729 लाभुकों का भुगतान करना एवं 90 उत्प्रेरकों में मात्र 24 उत्प्रेरक को भुगतान करना तथा 37 जियो टैगर्स में से किसी को भी भुगतान नहीं करना अति गंभीर मामला है जो आपके कर्तव्यहीनता का द्योतक है।
31 मार्च, 2018 तक निर्धारित शौचालय निर्माण का निर्धारित लक्ष्य 50 प्रतिशत अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाना था जबकि आपके द्वारा मात्र 43.2 प्रतिशत ही उपलब्धि हासिल किया गया है जो चिंताजनक है।
तत्काल प्रभाव से वेतन स्थगित करते हुए ओडीएफ कार्य की विफलता एवं दूरभाष नहीं उठाने के संबंध में अपना स्पष्टीकरण 24 घंटे के अंदर दें की क्यों नहीं इस कृत्य के लिए आपके विरुद्ध अनुशासनिक कार्यवाही हेतु ग्रामीण विकास विभाग बिहार पटना को प्रतिवेदित कर दिया जाए साथ ही यह भी निर्देश दिया गया कि निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति अचूक रूप से करना सुनिश्चित करें एवं अद्यतन प्रतिवेदन से उप विकास आयुक्त महोदय को अवगत कराना सुनिश्चित करें।

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