गोरखपुर ब्यूरों।जिले का निज़ाम बदला और इस बदलते निज़ाम के साथ ही जिले की पुलिस नए कप्तान की कमान में आ गई । कुछ परिवर्तन भी दिखे और कुछ त्वरित कार्यवाही से चंद घण्टों में ही कप्तान के कड़े तेवर का आभास और उनकी हनक कायम हो गई। लेकिन इन सबके बीच अगर नहीं बदली तो सिर्फ कोतवाली पुलिस।कोतवाली क्षेत्र में नए कप्तान के आने पर परिवर्तन की वह बयार देखने को नही मिली जिसकी झलक जिले भर में देखी जा रही है। चाहे खुले में शराब पीने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की बात हो, शहर में लगने वाले जाम की बात हो, अपराध और अपराधियों पर अंकुश लगाने की बात हो, कोतवाली पुलिस जिले के पुलिस कप्तान के आदेशों से कदमताल करने के बजाए मीलों पीछे दिखाई दे रही है।लगभग 4 महीना होने को आए लेकिन अब तक कोतवाली थाने से चंद कदम की दूरी पर हुई लाखों रुपयों की दो बड़ी लूट का कोतवाली पुलिस कोई खुलासा नहीं कर पायी।
यहां अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों के चालान तो काटे जाते हैं लेकिन दूसरे ही दिन सुविधा शुल्क लेकर वह चालान वापस भी कर दिए जाते हैं । सबसे बुरा हाल यहां शिकायत दर्ज कराने वालों का होता है, अधिकांश मामले में पुलिस पीड़ित को ही बैठा लेती है और फिर सौदेबाज़ी न हो पाने के बाद पीड़ित का भी चलान कर दिया जाता है। इसकी एक बानगी पिछले दिनों देखने को मिली जब एक पत्रकार साथी की पत्नी ने उनकी गैर मौजूदगी में हुए विवाद के सिलसिले में डायल 100 पर काल किया। इस मामले में कोतवाली पुलिस ने उक्त पत्रकार को ही अपने अर्दब में ले लिया। उस दिन यदि प्रेस क्लब अध्यक्ष की अगुवाई में पत्रकारों ने एक जुटता न दिखाई होती तो कोतवाली पुलिस वादी पत्रकार का ही चालान कर देती।इसके अलावा आज की तारीख में सबसे ज्यादा अवैध और मानक विहीन निर्माण कोतवाली क्षेत्र में किए जा रहे हैं हालांकि जीडीए इन अवैध निर्माणों के विरुद्ध बार-बार कोतवाली पुलिस को नोटिस जारी कर रहा है लेकिन धनबल के आगे जीडीए का नोटिस बेअसर हो जाता है।ताज़ा जनकारी के अनुसार जीडीए ने जुबली कॉलेज रोड पर डॉक्टर अग्रवाल के हड्डी हॉस्पिटल के बगल में हो रहे निर्माण के लिए नोटिस जारी किया, घोष कंपनी चौराहे पर हो रहे निर्माण के लिए नोटिस जारी किया, नखास पुलिस चौकी के पास हो रहे निर्माण कार्य को रोकने के लिए नोटिस जारी किया और इसी प्रकार कई अन्य नोटिस जीडीए ने जारी किए लेकिन वह सिर्फ कोतवाली पुलिस की फाइलों की शोभा बनकर रह गए। सबसे खराब हालात कोतवाली थानांतर्गत नखास पुलिस चौकी का है यहां धनउगाही अपने चरम पर है।अवैध निर्माण कराने वाले बिल्डर, नखास चौराहे के पास और घोषकम्पनी से रेती रोड़ पर अतिक्रमण करने वाले दुकानदार और छोटी शिकायतों में शामिल लोग चौकी पुलिस के लिए फलदार पेड़ साबित हो रहे हैं।देखा जाए तो वर्तमान समय में यहां की स्मार्ट पुलिसिंग वेंटिलेटर पर नज़र आ रही है।

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