परबत्ता प्रखंड से हर्ष राज की रिपोर्ट


खतरे का आमंत्रण दे रहा है मङैया अररिया सङक

जनप्रतिनिधि उदासीन रबैया से ग्रमीणों में आक्रोश/बरसात के दिनों में पैदल चलना भी हो जाता है दूभर।

शिक्षा सङक स्वास्थ चिकित्सा बिजली पानी इन्सान का मुलभूत आवश्यकता में शामिल है।कहा जाता है कि राष्ट्र विकसित तभी हैता है जब गाँव का सर्वांगीण विकास होता है।
किसी भी राज्य जिले ल प्रखंड तबतक विकास का दावा तभी होगा यदि क्षेत्र का प्रत्येक गाँव में बिजली सङक स्कूल अस्पताल हो।बैसे तो प्रतिनिधि व प्रशासन विकास के दाबे करते है लेकिन परबत्ता प्रखंड के देवरी पंचायत स्थित अररिया गाँव के सङकों पर चलेंगे तो विकास की बातें हवा हवाई साबित होगी।अररिया गाँव की आबादी करीब छः हजार है।लेकिन सङक के मामले में फिसड्डी साबित है।

गाँव के अन्दर विभिन्न वार्डों को जोङने बाली सङकों तो दयनीय है ही परन्तु लोगों जीवन रेखा कहे जाने बाली मुख्य सङक अररिया को मङैया बाजार से जोङने बाली सङक भी दयनीय हालत में है।बतातें चलेंकि गाँव यदि बाजार जाना हो अस्पताल जाना हो प्रखंड जिला व रेलवे स्टेशन सभी जगह जाने के लिये उक्त सङक का ही उपयोग होता है।
वहीं अररिया गाँव के अलावे देवरी पंचायत के डुम्मरकोठी पीपङालतीफ पंचायत के करजनिया कबेला पंचायत के कबेला डुमरिया व बलहा गांव के लोग भी उक्त सङक का उपयोग करते है।करीब पंद्रह हजार आबादी के लिये यह सङक की मरम्मती के उपर ध्यान नहीं दिया जारहा है।मङैया बाजार के आलम बाजार चौक से ज्योंहि अररिया की तरफ चलेंगे तो जगह जगह गड्ढों में तब्दील सङकों से गुजरना होता है।
वहीं मस्जिद के पास कयी जगहों पर आधी ज्यादा सङक कट कर तालाब में विलीन हो चूके है।सुखे मौसम में तो लोग पैदल व गाड़ी से सफर कर लेते है लेकिन बरसात के मौसम में काफी कठिनाई का सामना करना पङता है।चूंकि गाँव के अधिकांश लोग खेती पर निर्भर करते है।

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