सपा और बसपा की दोस्ती 'बेर केर' का संग है: सीएम योगी
     विनय कुमार मिश्र
गोरखपुर।बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशियों के समर्थन का फैसला किया है। इसका औपचारिक ऐलान भी आज हो गया।
उत्तर प्रदेश में 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले नए समीकरण की तस्वीर सामने आती दिख रही है।गोरखपुर और फूलपुर उपचुनाव को लेकर बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी एक साथ आते दिख रहे हैं। लेकिन सीएम योगी आदित्यनाथ बेफिक्र हैं। वह कहते हैं कि गोरखपुर और फूलपुर दोनों उपचुनाव हम जीतेंगे।वहीं दोनों पार्टियों के लिए सीएम ने कहा​ कि सपा और बसपा की दोस्ती बेर केर (दुर्जन और सज्जन) का संग है।
इसके अलावा राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राहुल गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद भी उनके हार का सिलसिला बढ़ रहा है।सीएम योगी ने कहा कि राहुल गांधी जब उपाध्‍यक्ष थे तो उनके नेतृत्व में पहले ही 10 राज्यों में कांग्रेस चुनाव हार चुकी थी।अब जब वे अध्यक्ष बने हैं तो अब तक 5 राज्यों में चुनाव हार चुके हैं, इसलिए उनका अध्यक्ष बनना हमारे लिए अनुकूल है।गोरखपुर में श्रीश्री रविशंकर से मुलाकात के संबंध में सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी संभावनाओं का राज्य है। श्रीश्री रविशंकर से हमारे पुराने संबंध हैं। हमारे इस संबंध को राजनैतिक रूप नहीं देना चाहिए।रविशंकर से मुलाकात कोई राजनैतिक मुलाकात नहीं थी। वो जब भी उत्तर भारत आते हैं तो हम मुलाकात करते हैं।बता दें कि बीएसपी सुप्रीमो मायावती के निवास पर हुई मैराथन बैठक के बाद उन्होंने गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशियों के समर्थन का फैसला किया था।
बताया जा रहा है कि गोरखपुर और फूलपुर में हो रहे लोकसभा उपचुनाव के बारे में बसपा सुप्रीमो मायावती ने पार्टी के जिम्मेदार नेताओं से फीडबैक लिया था।दोनों लोकसभा क्षेत्रों के जोनल कोऑर्डिनेटर से भी उनकी बात हुई थी। विधान परिषद सदस्य बनने के बाद केशव प्रसाद मौर्य ने फूलपुर के सांसद पद से इस्तीफा दे दिया था।उपचुनाव में भाजपा ने वाराणसी के पूर्व महापौर कौशलेंद्र सिंह पटेल को प्रत्याशी बनाया है।वहीं सपा ने नागेंद्र प्रताप सिंह पटेल को चुनाव मैदान में उतारा है, तो कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता जेएन मिश्र के पुत्र मनीष मिश्र पर दांव लगाया है।वहीं योगी आदित्यनाथ के इस्तीफे के बाद खाली हुई गोरखपुर लोकसभा सीट पर होने जा रहे उपचुनाव के लिए बीजेपी ने क्षेत्रीय अध्यक्ष उपेंद्र दत्त शुक्ला को प्रत्याशी घोषित किया है।उपेंद्र दत्त शुक्ला की संगठन और कार्यकर्ताओं में अच्छी पकड़ है।पूर्वांचल में उनकी पहचान ब्राह्मण चेहरे के रूप में होती हैं जो गोरखपुर से राज्यसभा सांसद और वर्तमान में केंद्र में मंत्री शिव प्रताप शुक्ला के बेहद करीबी बताए जाते है।सपा ने निषाद पार्टी और डॉ. अयूब की पीस पार्टी के साथ उपचुनाव में गठबंधन किया है।अखिलेश ने गोरखपुर से निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद के बेटे इंजीनियर प्रवीण कुमार निषाद को मैदान में उतारा है।वहीं कांग्रेस ने डॉ. सुरहिता करीम को अपना प्रत्याशी घोषित किया है।गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीट के लिए मतदान 11 मार्च को होगा। चुनावों के परिणाम की घोषणा 14 मार्च को होगी। गोरखपुर सीट मुख्यमंत्री आदित्यनाथ और फूलपुर सीट उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के इस्तीफे के बाद खाली हुई है।

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