कानपुर देहात से सौरभ मिश्रा की रिपोर्ट
 कानपुर देहात : डेरापुर ब्लाक के 27 परिषदीय विद्यालयों में हैंडपंप खराब पड़े हैं। ऐसे में प्यास लगने पर बच्चों को भटकना पड़ता है। वहीं अफसर बजट की कमी बता रहे हैं।
परिषदीय विद्यालयों में पेयजल, शौचालय व बैठने की व्यवस्था भले ही प्राथमिकता में हो लेकिन खामियां बनी है। हालात ये हैं कि परिषदीय विद्यालयों में पेयजल उपलब्धता के लिए संसाधनों का टोटा है। मौजूदा हालात ये हैं कि ब्लाक के 27 परिषदीय विद्यालयों के हैंडपंप काफी दिनों से दगा दे गए हैं। रीबोर स्थिति वाले इन हैंडपंपों की मरम्मत नहीं हो सकती है। ऐसे में ठूंठ बने हैंडपंप प्यास लगने पर बच्चों को मुंह चिढ़ाते हैं। मिड डे-मील खाने के बाद बच्चों को विद्यालय के बाहर तक की भाग दौड़ करनी पड़ती है। वहीं कई विद्यालयों में प्यास लगने पर बच्चों को घर जाना पड़ता है। गर्मी का मौसम शुरू होने पर अब प्यास बढ़ गई है। ऐसे में बच्चे खासे परेशान हैं। बीआरसी के अनुसार सब्दलपुर, सनहापुर, नंदपुर, मझगवां, बहिरीउमरी, बिजहरा, अकारु, बलाई बुजुर्ग, खानपुर चैन, सिऊंठा, उमरी बुजुर्ग, सरगांव बुजुर्ग, इन्दरुख व दस्तमपुर समेत 27 विद्यालयों में रीबोर की स्थिति में हैंडपंप ठप हैं। बीईओ उदय नारायण कटियार ने बताया कि खराब हैंडपंप की सूची बीडीओ को सौपी गई है। इधर बीडीओ ज्ञानेंद्र मिश्र ने बताया कि रीबोर के लिए बजट नहीं होने की बात जल निगम कह रहा है।

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