शिवहर -  किसान के लाश पर राजनीति होने लगा है- राकेश चौधरी

दिलीप पाण्डेय :

शिवहर छात्र परिषद के संथापक राकेश चौधरी ने पी न्यूज़ से बात करते हुए बताया कि नेता राजनीति करे, तो अलग बात है। लेकिन शिवहर के पदाधिकारी भी आज कल अपने आपको नेता ही समझ रहे है।इस मुद्दे पे  जिला अधिकारी  का कहना है कि किसान नारद राय की बेटी भाग गई थी। इसलिए उन्होंने आत्महत्या कर लिया।लेकिन जिला प्रशासन अपनी कमी को छुपा रही है। 

जिस तरह से शिवहर मे दो नम्बर का डुप्लीकेट मक्के की बीज की सप्लाई
की जा रही है उससे किसानों का भविष्य अंधकारमय नही होगा तो क्या होगा।
मक्के के बाल में बीज न आना इनका प्रमाण है।जिला प्रशासन उन बीजो का जांच कर कारवाई क्यों नही की। इसका कारण है उपर से निचे तक बंदर-बाट है।इस पर जिला प्रशासन का कोई भी व्यान नही आयेगा।जिस तरह से फसल क्षतिपूर्ति का लाभ अभी तक किसानो के खाते मे पैसा नही आया ।उस मुद्दे पर कोई कुछ नही बोलेगा।क्योंकि प्रशासन अपनी कमी को छुपाने मे लगा हुआ है।किसानो को सुनने वाला कोई नही है।यह कोई नही कह रहा है।

किसान नारद राय लिज या बटईया या हुन्डा पर जमीन ले कर खेती करता एवम जीविका चलता था। उस किसान को मुआवजा कौन देगा।बेचारा गरीब बिना काम के मर गया यह तो अंधा कानून है।ना तो प्रशासन को दिखाई देता है न सुनाई।यहा तो AC मे बैठ कर गरीबो के लिए कानुन बनाते है।जो व्यक्ति AC मे बैठ कर कानून बनाये वह क्या जाने गरीबी क्या होता है। 

हमलोग एक ही माग है।किसान नारद राय को 10 लाख का मुआवजा दिया जाये।चाहे कारण जो भी हो।प्रशासन अपनी नकामी न छुपाये.जो सच्चाई है वह भी कहे। 
एवम प्रशासन से एक और निवेदन है कि कृषि विभाग की जांच की जाए एवं बाजार में बिक रहे हैं बीजों की सैंपल लेकर जांच की जाए एवं दोषी पाने पर उचित कार्रवाई की जाए।

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