मध्यावधि मौसम पूर्वा नुमान
;11 से 15 अप्र ैल,2018द्ध

ग्रामीण कृषि मौसम सेवा, डा0आर0पी0सी0ए0यू0, पूसा, समस्तीपुर एवं भारत मौसम विज्ञान विभाग
के सहया ेग से जारी 11 से 15 अप्र ैल, 2018 तक के मा ैसम पूर्वा नुमान के अनुसारः-
 पूर्वानुमानित अवधि में उत्तर बिहार के जिलो ं मे ं आसमान में हल्के बादल देखे ं जा सकते है। पूर्वी तथा पष्चिमी
चम्पारण, मधुबनी एवं दरभंगा के उत्तर पूर्वी  हिस्सा ें में कही ं-कहीं हल्की वर्षा  होने की संभावना बनी रहेगी।
हालाकि इस अवधि मे ं अन्य जिला ें में आमता ैर पर मौसम के श ुष्क रहने की संभावना है।
 अधिकतम तापमान सामान्य के आस-पास बने रहने की संभावना है। 15 अप्र ैल तक अधिकतम तापमान 33
से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच बने रहने का अनुमान है, जबकि न्य ूनतम तापमान 20 से 22 डिग्री
सेल्सियस के आसपास रह सकता है।
 आ ैसतन 10 से 12 कि0मी0 प्रति घ ंटा की रफ्तार से अगले दा े दिनो ं तक पूरवा हवा चलने की संभावना है,
उसके बाद 13-14 अप्र ैल को पछिया हवा चलने का अनुमान है।
 सापेक्ष आर्द्रता सुबह में करीब 70 से 80 प्रतिषत तथा दा ेपहर में 40 से 45 प्रतिषत रहने की संभावना है।

समसामयिक सुझाव

 पूर्वा नुमानित मा ैसम को देखते हुए गेहूॅ की कटनी तथा दा ैनी एवं दाना े को सुखाने का कार्य का े उच्च
प्राथमिकता दे कर सम्पन्न करे ं। पूर्वी  तथा पष्चिमी चम्पारण, मध ुबनी एव ं दरभंगा जिला े ं के किसानो को सलाह
दी जाती है कि वे ं गेहुँ की कटनी सावधानी पूर्वक करे ं।
 भिण्डी की फसल मे ं लीफ हाॅपर कीट की निगरानी करे। यह कीट दिखने में सुक्ष्म हा ेता है। इसके नवजात एवं
व्यस्क दा ेनो पत्तिया े ं पर चिपककर रस चुसते है। पत्तियाँ पीली तथा पौधे कमजा ेर हो जाते है, जिससे फलन
प्रभावित होती है। इसका प्रकोप दिखाई देने पर इमिडाक्ला ेप्रिड 0.5 मी0ली0 प्रति लीटर पानी की दर से घोल
बनाकर छिड़काव करे ं।
 लत्तर वाली सब्जिया े ं जैसे नेनुआ, करैला, ला ैकी 1⁄4कद्दू1⁄2, आ ैर खीरा में लाल भृंग कीट से बचाव हेतु
डाइक्ला ेरवाँस 76 इ0सी0/ 1 मि0ली0 प्रति ली0 पानी की दर से घा ेलकर छिड़काव करे। गाय के गोबर की
राख में था ेड़ा किरासन मिलाकर पौधों पर सुबह में भ ुरकाव करने से इस कीट का आक्रमण कम हा े जाता है।
 आम एवं लीची के बागों में यदि कीटनाषी दवा व पादप हाॅरमा ेन का छिड़काव नहीं किए हो ं, ता े अभी करने
का उचित समय है। प्लेनोफिक्स दवा का 1 मि0ली0 प्रति 3 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करे ं। इससे
फला े ं के झरने से रा ेकने में सहायक होगा। साथ ही इमीडाक्ला ेरा ेप्रिड नामक कीटनाषी दवा का 1 मि0ली0
प्रति 1 लीटर पानी में घा ेल बनाकर छिड़काव करने से फला े ं का े चुसक कीटो ं से बचाया जा सकता है।
 भिंडी, बा ेरा एव ं कद्दुबग्र्रीय सब्जिया ॅ लगाने के लिए मौसम अनुकूल चल रहा है। इन फसला े ं में कीड़ां े से बचाव
हेत ु मोनोसील/मैलाथियान/रोगर दवा का 1.5 से 2 मि0ली0 प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करंे।
 टमाटर की फसल को फल छेदक कीट से बचाव हेत ु ख ेता ें में पक्षी बसेरा लगायें। कीट से ग्रसित फला े को
इकठा कर नष्ट कर दें, यदि कीट की संख्या अधिक हो ता े स्पिनोसेड 48 इ0सी0/1 मि0ली0 प्रति 4 ली0
पानी की दर से छिड़काव करे।

डाॅं0 ए. सत्तार
नोडल पदाधिकारी

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