विकास खण्ड तेजवापुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत ढोढायल में खुले आम चल रहा है  आवास के नाम पर घूसखोरी का खेलIइसके चलते अपात्रो को बनाया जा रहा पात्र I वास्तव में जो प्रधान मंत्री आवास योजना का पात्र है उसको नहीं दिया जा रहा इस योजना का लाभI ग्राम पचायत ढोढायल में प्रधान द्वारा लोगो से  आवास के नाम पर रूपये लेने का खेल नहीं थम रहा है किसी से आवास देने के बाद रूपये लिए गए तो किसी से यह कहकर रूपये लिए गए कि मै  तुमको आवास दे दूंगा I इस ग्राम पंचायत में ऐसे लोगो को भी आवास दे दिया गया जिनके पास कई पक्के मकान पहले से ही बने है I अब सवाल ये उठता है कि यदि प्रधान मंत्री आवास योजना की पात्रता की शर्ते यही है कि जिनके पास पहले से ही पक्का मकान बना हो उन्ही को इस योजना का लाभ मिलेगा तो फिर बेचारा गरीब ब्यक्ति जिसके पास न तो खेती करने के लिए जमीन हो और नही तो रहने के लिए कोई घर हो उसको किस योजना के तहत आवास दिया जायेगा  I कुछ ऐसा ही माजरा ग्राम पचायत ढोढायल का है जिसमे अपात्रो  को रूपये लेकर पात्र बनाया गया है जबकि सरकार की मंशा ये है की इस योजना से केवल पात्र गरीब तबके के लोग जिनके पास न  पक्का घर हो और न ही जमीन हो उन्ही को इस योजना से लाभान्वित किया जाये I क्या जिस ब्यक्ति का नाम बी .पी .यल .सूची में अंकित होता है वो सभी ब्यक्ति पात्र होते है I  

                                  यह खेल तो हुआ आवास का अब देखिये इस ग्राम पंचायत में आये शौचालयों की दशा -इस ग्राम पंचायत में लगभग 50 शौचालय आवंटित किये गए थे वित्त वर्ष 2016-2017 में जिनमे ग्राम प्रधान ने सभी शौचालय निर्माण का ठेका खुद ही ले लिया और रूपये की लालच में एक भी शौचालय का निर्माण ठीक से नहीं कराया ,किसी का गडढा खुदा पड़ा है और किसी की दिवार खड़ी करा दी गयी ,किसी में सीट बैठाई गयी है और किसी में कुछ काम नहीं कराया गया है I जहाँ एक तरफ सरकार स्वच्छ भारत मिशन चलाकर लोगो से अपील कर रही है कि खुले में शौच कोई न जाये घर में शौचालय बनवाए का नारा दे रही है वही एक तरफ इस प्रकार ग्राम प्रधान सरकार के मंसूबो पर पानी फेर रहे है I इस ग्राम पचायत में एक भी शौचालय पूर्ण रूप से नहीं पाया गया I अब सवाल ये उठता है कि इस प्रकार की कमियों को उजागर होने पर यदि कोई कार्यवाही  नहीं होती है तो सरकार स्वच्छ भारत मिशन और सभी गरीब को आवास जैसी  योजनाओ को आने वाले 50 वर्षो में भी नहीं सफल बना सकती है I  इस ग्राम पंचायत में तैनात सफाई कर्मचारी केवल प्रधान के घर का काम करते है और वही अपनी उपस्थिति लगाकर वापस चले जाते है I इन सफाई कर्मचारियों को वेतन तो सरकार देती है लेकिन ये काम जनता का नही बल्कि प्रधान का प्राइवेट काम करते है I इस ग्राम पंचायत में बनी नालियों में कूड़ा -करकट और गन्दगी भरी पड़ी है I इस संबंध में जब ग्रामीणों से बातचीत की गयी तो पता चला कि यहाँ पर कोई सफाई कर्मी नालियों की सफाई के लिए नहीं आता है I 

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