शिवहर - कुछ दिन पूर्व देश ने शहीद दिवस पर क्रांतिकारी भगत सिंह सुखदेव और राजगुरु को याद किया, वही संघर्षशील युवा अधिकार मंच से जुड़े समाजिक कार्यकर्ता मुकुन्द प्रकाश मिश्र ने जिला प्रशासन से शिवहर समाहरणालय मैदान में शहीद भगत सिंह सुखदेव और राजगुरु,सुभाष चंद्र बोस,चन्द्र शेखर आजाद की प्रतिमा लगाने की मांग कि हैं.मुकुन्द ने कहा ये स्वतंत्रता सेनानी युवाओं के प्रेरणा स्त्रोत है इसलिए समाहरणालय मैदान में उनकी प्रतिमा होना बेहद जरूरी है। मैदान में उनकी प्रतिमा न केवल मैदान को सुशोभित करेगी बल्कि युवाओं में देशभक्ति की भावना भी जागृत करेगी. कहा ऐसे दौर में जब पूरा देश धर्म और जाति के जाल में फंसता जा रहा है ऐसे में  इन क्रांतिकारियों  से युवाओं को प्रेरणा लेना चाहिए कि हम बस भारतीय है 
गौरतलब है 23 मार्च 1931 की रात भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु की देश-भक्ति को अपराध की संज्ञा देकर फाँसी पर लटका दिया गया। कहा जाता है कि मृत्युदंड के लिए 24 मार्च की सुबह तय की गई थी लेकिन किसी बड़े जनाक्रोश की आशंका से डरी हुई अँग्रेज़ सरकार ने 23 मार्च की रात्रि को ही इन क्रांति-वीरों की जीवनलीला समाप्त कर दी। रात के अँधेरे में ही सतलुज के किनारे इनका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया।
 लाहौर षड़यंत्र के मुक़दमे में भगतसिंह को फाँसी की सज़ा दी गई थी तथा केवल 24 वर्ष की आयु में ही, 23 मार्च 1931 की रात में उन्होंने हँसते-हँसते, 'इनक़लाब ज़िदाबाद' के नारे लगाते हुए फाँसी के फंदे को चूम लिया।

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