मुज़फ़्फ़रपुर मुशहरी कुढ़नी से राहुल कुमार की रिपोर्ट

शनिवार को आई आंधी, वर्षा व भारी ओलावृष्टि से साहेबगंज, सरैया और पारू में भारी तबाही मचाई है।

मुजफ्फरपुर।* शनिवार को आई आंधी, वर्षा व भारी ओलावृष्टि से साहेबगंज, सरैया और पारू में भारी तबाही मचाई है। खासतौर पर इन क्षेत्रों में तरबूज, गेहूं व केला की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। गांवों में मातमी सन्नाटा पसरा है। सदमें में डूबे किसानों के घर में शनिवार की रात से खाना भी नहीं बन रहा है। किसान खेतों में जाने की हिम्मत तक नहीं जुटा पा रहे हैं।

*साहेबगंज में फसल की बर्बादी देख खेत में बेहोश हुए किसान :*

साहेबगंज हुस्सेपुर रत्ती के किसान सजावल राय के खेत में शनिवार को दिन के दस बजे तक तरबूज की फसल लहलहा रही थी। वर्षा व भारी ओलावृष्टि जैसे उनकी फसल पर कहर बनकर टूटी। रविवार सुबह जब अपनी फसल को देखने खेत में पहुंचे तो बर्बादी का मंजर देख अपने को संभाल नहीं पाए। वे खेत में ही बेहोश होकर गिर पड़े। आसपास के लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया। फसल बर्बादी से गांव में मातमी सन्नाटा पसरा है। ऐसा कोई किसान परिवार नहीं जिसकी फसल बर्बाद नहीं हुई है। एक युवा किसान ने बताया कि कर्ज लेकर तरबूज की खेती की थी। ओला से एक झटके में सारी फसल नष्ट हो गई। अब कर्ज कैसे चुकाएंगे इसकी चिंता खाए जा रही है। सरकार की मदद नहीं मिली तो वे प्रखंड कार्यालय के समक्ष आत्मदाह करने पर मजबूर हो जाएंगे।

60 किसान मिलकर छह सौ एकड़ में की थी तरबूज की खेती : गंडक नदी किनारे व दियारा गांव के 60 किसानों ने सामूहिक तौर पर छह सौ एकड़ में तरबूज की खेती की थी। मौसम अनुकूल होने के कारण फसल लहलहा रही थी। तरबूज की लत्तरों में बड़ी संख्या में फल आए थे। इससे किसानों में खुशी की लहर थी। कुछ फलों का आकार पांच किलो का हो गया था। अगले सप्ताह तैयार फलों की तुड़ाई होने वाली थी। ओला ने इनके फलों को पूरी तरह बर्बाद कर दिया।

पढ़ाई के बाद खेती के क्षेत्र में आया था बिट्टू : बिट्टू यादव इस साल पढ़ाई पूरी कर गांव आया था। वह खेती से अपना भविष्य संवारना चाह रहा था। पहली शुरुआत उसने तरबूज की खेती से की। उसने अन्य किसानों की तर्ज पर लगभग दस एकड़ में तरबूज की खेती की। सब कुछ ठीक चल रहा था। अचानक ओला ने उसके सपनों को तोड़ डाला। उसने बताया कि तरबूज की खेती में लाखों रुपये का कर्ज हो गया। इसको वह कैसे चुकता करेगा। गांव के मनोज कुमार सिंह ने दस एकड़ में, कामेश्वर सिंह, 11 एकड़ में व प्रभु राम दस एकड में तरबूज की फसल लगाई थी। इनकी खेतों की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है।

*सरैया की छह पंचायतों में भारी तबाही :*

सरैया प्रखंड की छह पंचायतों में आधी, वर्षा व ओला से भारी क्षति हुई है। गेहूं की फसल सौ प्रतिशत की नुकसान हुई है। गेहूं, मक्का, गरमा सब्जी, मूंग, आम- लीची को भारी क्षति हुई है। मायूस किसान खेतों में जाने की हिम्मत नहीं जुटा रहे हैं। प्रखंड कृषि पदाधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि सरैया, मनिकपुर, कोल्हुआ, चक इब्राहिम, बसैठा, चकना पंचायतों मे भारी क्षति हुई है। छह टीम खेतों में जाकर फसल क्षति का आकलन कर रही हैं। मुखिया दिलीप राय, लालबाबू राय व राम प्रवेश सहनी ने बताया कि पंचायतों में सौ प्रतिशत फसल क्षति हुई है। वहीं दर्जनों गरीब की झोपड़ी गिर गई हैं। ओला से मवेशी भी घायल हुए हैं। मुआवजा शीघ्र मिले इसे लेकर वे अधिकारियों से बातचीत कर रहे हैं। बीडीओ मो.आसिफ ने कहा कि फसल क्षति का आकलन किया जा रहा है।

सीओ अमरेंद कुमार ने कहा कि वे खेतों में जाकर स्थिति का आकलन किया है। फसलों को भारी नुकसान हुआ है। किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा मिले इसका वे हर संभव प्रयास करेंगे।

*पश्चिमी दियारा में उजड़ गई किसानों की दुनिया :*

पारू के पश्चिमी दियारा के चक्की सुहागपुर, जयमल डुमरी, चिंतामनपुर, कल्याणपुर, सोहासी, धरफरी समेत कई गावों के किसानों ने काफी मेहनत से खीरा और तरबूज की खेती की थी। ओला व वर्षा से इनकी लत्तर ही नहीं गेहूं की फसल भी पूरी तरह बर्बाद हो गई है। अब खेतों से घर में लाने के लिए एक चुटकी अनाज नहीं बचा है। बीडीओ संजय कुमार सिन्हा ने बताया कि नुकसान का आकलन कराया जा रहा है।

अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) अतुल वर्मा ने बताया कि सोमवार शाम तक फसल क्षति का आकलन कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। इसके आधार पर फसल क्षति इनपुट किसानों को उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

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