शिक्षक संघ के सभी नेताओं को धन्यवाद जिन्होंने इस भ्रष्टाचार खिलाफ इस मुहिम में सूरज सक्सेना जी का नैतिक समर्थन दिया कल प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी का यह बयान आया है कि निगरानी जांच के लिए सर्टिफिकेट एवं मेधा सूची जमा नहीं की इसलिए लोन आवेदन पर साइन नहीं किया यह तो समझे से परे यह बात आख़िर आज किस मैत्रीण आवेदन पर साइन कर दिया गया एक चीज और यह नहीं समझ में आ रही है प्रखंड विकास पदाधिकारी ने शाहिद कहां की शिक्षक संग लिखकर देखें तभी सक्सेना जी के आरोपों की जांच होगी तो क्या एक आम आदमी शिक्षक अथवा कोई व्यक्तिक भट्टाचार्य के खिलाफ आवाज उठाएगा तो उसकी जांच यहां के प्रखंड प्रशासन के द्वारा नहीं की जाएगी इससे  सॉफ्ट पता चला है कि प्रखंड में हमला में सब लगे हैं आप अकेले आवाज उठाते उठाते थक जाइए इस प्रखंड में कुछ नहीं होने वाला है यहां सब कुछ ले-देकर निपट जाता है इस प्रखंड में बीसी -2 बालक वर्ग वाले छात्रवृत्ति राशि की जो घटना हुई उसमें पुख्ता प्रमाण हाथ लगने के बाद भी केवल सलमगढ के प्रधानाध्यापक श्री दिलीप यादव जी को निलंबित कर मामला खत्म कर दिया गया जबकि प्रखंड विकास पदाधिकारी के जांच में यहां सॉफ्ट हो गया की उत्क्रमित  विद्यालय में ना तो छात्रवृत्ति की राशि वितरित की गई थी ना ही नैपकिन की राशि और 1 साल पूर्व भी इसी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी श्री नागेंद्र प्रसाद सिंह के जांच के क्रम में उत्क्रमित मध्य विद्यालय सलमगढ़ को क्लीन चिट दिया गया था यहां छात्रवृत्ति की राशि तरफ  की गई अब इससे बड़ी विडंबना क्या है होगी जो केवल छोटी मछली के ऊपर निलंबन की कार्यवाही करके बड़ी मछली को बचा लिया गया अभी तक उत्क्रमित मध्य विद्यालय की छात्रवृत्ति राशि की जो गमन कर ली गई है उसकी रिकवरी कैसे होगी इसके बारे में भी कुछ नहीं कहा जा सकता वाकई में गजब है हमारा प्रखंड    दरभंगा से ब्रजेश कुमार की रिपोर्ट

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