विहार सरकार तथा मुख्यमंत्री सह जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतिश कुमार जी की नीतियो पार्टी के कार्यक्रम तथा संगठन मे जदयू सेवादल की भूमिका पर हमारे विशेष संवाददाता ने बात की जदयू सेवादल के प्रदेश के प्रधान महासचिव संजय कुमार सिंह से ।प्रश्न - संजय जी जदयू के संगठन एवं प्रकोष्ठो के बारे मे बनायें। उत्तर - जदयू का एक बहुत ही सुव्यवस्थित संगठन है जो प्रदेश से लेकर जिला प्रखंड एवं पंचायत तक कार्यरत है ।दल मे मूल संगठन के अतिरिक्त 27 प्रकोष्ठ है ।सभी प्रकोष्ठो के भी राज्य से लेकर पंचायत स्तर तक कमिटियां बनी हुई है। प्रश्न - सेवादल के बारे मे विस्तार से बतायें ।उत्तर -  सबसे पहले मैं सेवादल के संगठनात्मक ढाँचे के बारे मे बताता हू।जदयू संगठन मे सेवादल की  एक अहम भूमिका है ।राज्य स्तर पर सेवादल की एक सुव्यवस्थित संगठन है।प्रदेश की कमिटी है।जिला तथा प्रखंड स्तर भी कमिटियां बनी हुई है ।पंचायत तथा बूथ स्तर पर कमिटी को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है ।सामाजिक समीकरण के हिसाब से प्रमंडल तथा जिला स्तर पर प्रभारी बनाये गये है।अब प्रखंड स्तर पर प्रभारी बनाये जा रहे है।प्रश्न - सेवादल की सक्रियता के संबंध मे बताये । उत्तर - देखिए जदयू तथा सीएम की नीतियाँ खासतौर पर जो सामाजिक परिवर्तन के मुद्दे है अभी सेवादल केवल इसी संदर्भ मे कार्यरत है ।प्रश्न -  सामाजिक परिवर्तन मे सेवादल की कैसी भूमिका है । ऊत्तर -  सामाजिक परिवर्तन की सीएम की सोच को धरातल पर उतारने के लिए सेवादल संकलित है ।हमने सबसे पहले सेवादल के संगठन को सुव्यवस्थित किया ।इस क्रम मे तेज तर्रार और उच्च शिक्षा प्राप्त युवाओं को अहम जिम्मेदारी दी गयी है ।पहले चरण मे सेवादल ने  नशामुक्ति अभियान तथा दहेज प्रथा व बाल विवाह उन्मूलन को हर जिला मे सम्मेलन तथा गोष्ठी के माध्यम से नीतिश जी को सोच को आम लोगों के बीच प्रचारित किया ।दूसरे चरण मे इन मुद्दों को लेकर  राज्य के सभी 534 प्रखंडो मे बैठक सम्मेलन गोष्ठी जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से जदयू की सोच को प्रसारित किया जा रहा है ।प्रश्न -  सेवादल की कोई बड़ी उपलब्धि बताये ।उत्तर -  जेपी लोहिया अंबेदकर के आदर्शों को आत्मसात कर गांधी जी की टोपी को निमित्त मानकर हमने समाज मे संदेश फैलाने का काम किया है ।गांधी टोपी आज जदयू मे सेवादल की पहचान बन गयी है ।प्रश्न -  राजनीति मे पद की लालसा राजनीति को कमजोर कर रहा है ।इस संदर्भ मे क्या कहेंगे । उत्तर -  आज राजनीति मे नैतिक मूल्यों का पतन हो रहा है ।आम जनो के बीच राजनेता उपहास की नजरों से देखे जा रहे है लेकिन सेवादल के सभी पदाधिकारी एक कार्यकर्ता के रूप मे नीतिश कुमार जी की नीतियो तथा सोच को आगे बढ़ाने मे तत्पर है  तथा सेवादल का स्पष्ट मानना है कि जन सेवा से बड़ा कोई नैतिक धर्म नहीं होता है

Post A Comment: