28 जुलाई से आरंभ होगा सावन, 30 को पहला सोमवार



19 साल बाद इस सावन में बन रहा है दुर्लभ संयोग, 30 दिनों का होगा सावन

28 जुलाई से आरंभ हो रहा है शिव के प्रिय माह सावन I हिन्दू धर्म में सावन महीने का खास महत्व है I  इस महीने में भगवान शंकर की पूजा पुरे हर्षो-उल्लास से की जाती है I  ऐसी मान्यता है कि सावन के महीने में सोमवार को व्रत रखने और भगवान शंकर की पूजा करने वाले जातक को मनवांछित जीवनसाथी प्राप्त होता है और जीवन में सुख-समृद्धि बढ़ती है I  विवाहित औरतें  श्रावन महीने का सोमवार व्रत रखती हैं तो उन्हें भगवान शंकर सौभाग्य का वरदान देते हैं I 
कर्मकांड विशेषज्ञ पंडित राकेश झा शास्त्री ने बताया कि भगवान शिव को सावन का महीना  प्रिय होने का अन्य कारण यह भी है कि भगवान शिव सावन के महीने में पृथ्वी पर अवतरित होकर अपनी ससुराल गए थे और वहां उनका स्वागत अर्घ्य और जलाभिषेक से किया गया था। माना जाता है कि प्रत्येक वर्ष सावन माह में भगवान शिव अपनी ससुराल आते हैं। भू-लोक वासियों के लिए शिव कृपा पाने का यह उत्तम समय होता है। 
पंडित राकेश झा ने बताया कि  इस वर्ष सावन मास बहुत की खास है I क्योकि 19 साल बाद दुर्लभ संयोग बन रहा है, सावन इस बार 28 या 29 नहीं पुरे 30 दिनों का होगा I मलमास पड़ने से इस बार सावन पुरे 30 दिनों का हो गया है I ऐसे दुर्लभ संयोग में शिव की आराधना करने से खुशहाल वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद प्राप्त होगा I विशेषकर यह संयोग कुंवारे या जिनकी शादी में विलम्ब हो रहा है वे भोले की पूजा विधिवत करने से मनोकामना पूरा होगा I
इस वर्ष सावन मास का प्रारम्भ प्रीति एवं आयुष्मान योग के साथ श्रवण नक्षत्र होने से बहुत ही उत्तम योग बन रहा है I इस योग को सर्वार्थ सिद्धि योग भी के बराबर ही माना जायेगा I श्रद्धालुओं को इस मास में शिव पूजन से विशेष पुण्य प्राप्ति होगी Iसावन के महीने शिव पूजन के साथ "ॐ नमः शिवाय" का जाप, शिव पंचाक्षर, रुद्राष्टक, शिव चलीसा, आदि का पाठ करने से मनचाहा वरदान मिलता है I
प्रकृति के आह्लाद का महीना है सावन तथा प्रकृति और पुरुष के समन्वित स्वरूप है देवाधिदेव महादेव I इसीलिए  दोनों के बीच अन्योन्याश्रित संबंध होना ही है I  शिव की भक्ति में सराबोर सनातन समाज अपनी-अपनी सामर्थ्य के अनुसार कांवर यात्रा, रुद्राभिषेक,जलाभिषेक,दुग्धाभिषेक के साथ बहुविध रुद्रार्चन करते हुए बाबा भोले को प्रसन्न करने में जुटा रहता है I
पंडित झा ने पौराणिक कथाओं का हवाला देते हुए बताया कि इसी  सावन मास में समुद्र मंथन किया गया था। समुद्र मथने के बाद जो हलाहल विष निकला, उसे भगवान शंकर ने अपने कंठ में समाहित कर सृष्टि की रक्षा की, लेकिन विषपान से महादेव का कंठ नीलवर्ण हो गया। इसी से उनका नाम 'नीलकंठ महादेव' पड़ा। विष के प्रभाव को कम करने के लिए सभी देवी-देवताओं ने उन्हें जल अर्पित किया। इसलिए शिवलिंग पर जल चढ़ाने का ख़ास महत्व है। यही वजह है कि श्रावण मास में भोले को जल चढ़ाने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।  'शिवपुराण' के अनुसार भगवान शिव स्वयं ही जल हैं। इसलिए जल से उनकी अभिषेक के रूप में अराधना का उत्तमोत्तम फल है I 
जातक या परिवार में किसी सदस्य को असाध्य बीमारी हो गई हो तो उसे  सावन में सोमवार को जल  में दूध व काले तिल डालकर शिवलिंग का अभिषेक करें। अभिषेक करते समय 'ॐ जूं स:' मंत्र का जाप करते रहें। इसके अलावा 11 हजार, 21 हजार या 1.25 लाख बार महामृत्युंजय का जाप करने या किसी योग्य ब्राह्मण को संकल्प देने से असाध्य बीमारी ,रोग, शोक, दु:ख, जरा व मृत्यु के बंधनों से मुक्ति  मिलती  है I       
राशि के अनुसार करे शिव की पूजा मिलेगा मन चाहा वरदान :-
मेष राशि के जातकों को शिवजी को लाल चंदन व लाल रंग के फूल चढ़ाना चाहिए व ॐ नागेश्वराय नम: का जाप करना शुभ फलदायी होगा I 
 वृषभ राशि के जातकों को चमेली के फूल चढ़ाकर रुद्राष्टाकर का पाठ करने से आशातीत लाभ होगा। 
 मिथुन राशि के जातक को शिवजी को धतूरा, भांग चढ़ाकर साथ में पंचाक्षरी मंत्र का जाप करने से लाभ होगा। 
 कर्क राशि के जातक शिवलिंग का भांग मिश्रित दूध से अभिषेक करें और रुद्राष्टाध्यायी का पाठ करें, अत्यंत लाभ होगा। 
सिंह राशि के जातक पूरे माह शिवजी को कनेर के लाल रंग फूल अर्पित करें तथा शिव मंदिर में शिव चालीसा का पाठ करें। 
 कन्या राशि के जातक शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा, भांग आदि का श्रृंगार चढ़ाएं और पंचाक्षरी मंत्र  का जाप करें तो लाभ होगा। 
 तुला राशि के जातक मिश्री मिले दूध से शिवलिंग का अभिषेक करते हुए शिव के सहस्रनाम का जाप करें। 
 वृश्चिक राशि के जातक भोलेनाथ को गुलाब का फूल व बिल्वपत्र की जड़ चढ़ाएं और नित्य रुद्राष्टक का पाठ करें। 
 धनु  राशि के जातकों को चाहिए कि वे प्रात: शिवजी के चरणों में पीले फूल अर्पित करें, प्रसाद के रूप में खीर का भोग लगाएं और शिवाष्टक का पाठ करें।
 मकर राशि के जातक शांति और समृद्धि के लिए शिवजी को धतूरा, फूल, भांग एवं अष्टगंध  चढ़ाकर पार्वतीनाथाय नम: का जाप करें। 
 कुंभ राशि के जातक शिवलिंग का गन्ने के रस से अभिषेक करें एवं शिवाष्टक का पाठ करें,  आर्थिक लाभ मिलेगा। 
 मीन राशि के जातक शिवलिंग पर पंचामृत, दही, दूध व पीले फूल चढ़ाएं एवं चंदन की माला से 108 बार पंचाक्षरी मंत्र का जाप करें, धन-धान्य में वृद्धि होगी।
इस साल श्रावण मास में 4 सोमवार पड़ेंगे
28 जुलाई 2018: श्रावण मास प्रारम्भ
30 जुलाई 2018: सावन का पहला सोमवार व्रत
06 अगस्त 2018: सावन का दूसरा सोमवार व्रत
11 अगस्त 2018: हरियाली अमावस्या
13 अगस्त 2018: सावन का तीसरा सोमवार व्रत और हरियाली तीज
20 अगस्त 2018: सावन का चौथा एवं अंतिम सोमवार व्रत
26 अगस्त 2018: सावन माह का अंतिम दिन तथा पूर्णिमा, रक्षाबंधन

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