डाक विभाग की अनोखी पत्र लेखन प्रतियोगिता 'ढाई आखर' -- 'शैलेश'.  
चिट्ठियाँ जोड़े दिलों के तार'- 'शैलेश'.
समस्तीपुर /डाक निदेशालय के निर्देश पर डाक विभाग द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर एक 'पत्र-लेखन प्रतियोगिता 'ढाई आखर' का आयोजन किया जा रहा है, 'ढाई आखर ' की प्रेरणा कबीर के " ढाई आखर प्रेम का " से ली गई है।  जिसका थीम है- 'लेटर टू माई मदरलैंड यानी ' मेरे देश के नाम ख़त' ,यह थीम कवि गुरु रविन्द्र नाथ टैगोर की 'आमार देसेर माटी' से प्रेरित है। प्रधान डाकघर के जनसंपर्क निरीक्षक शैलेश कुमार सिंह ने बताया कि इस प्रतियोगिता के विजेताओं को विभाग की ओर से पाँच से पचास हजार रुपये तक के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित इस प्रतियोगिता के लिए मानक भी तय किया गया है।पत्र को विभाग द्वारा जारी अंतर्देशीय पत्र में 500 शब्दों में और लिफाफे में A4 साइज आकार के पेपर पर 1000 शब्दों में  संबंधित विषय का पत्र हिंदी,अंग्रेजी या स्थानीय भाषा मे  लिखना होगा। प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए कोई उम्र-सीमा नही तय की गई है ,लेकिन इसके लिए  दो श्रेणी जरूर बनाई गई हैं । पहली श्रेणी में 18 वर्ष तक जबकि दूसरी श्रेणी  में 18 वर्ष से अधिक आयु के देश-विदेश में रहने वाले सभी भारतीय नागरिक प्रतिभागी हिस्सा ले सकेंगे। पत्र में अपना पूरा नाम,पता और जन्म-तिथि दर्ज करना होगा  और जन्म प्रमाण पत्र भी देना होगा तथा चीफ पोस्टमास्टर जनरल,बिहार परिमंडल,पटना -848101 के पते पर भेजना होगा।
जनसम्पर्क निरीक्षक श्री सिंह ने बताया कि आवेदन ऑनलाइन भी किया सकता है और इसके लिए आवेदक को सर्व प्रथम संबंधित वेबसाइट (www.mygov.in) पर खुद को रजिस्टर करना होगा।रजिस्ट्रेशन के बाद क्रिएटिव कॉर्नर पर क्लिक  कर 'ढाई आखर लेटर राइटिंग कॉन्टेस्ट' पर जाकर अपनी चिट्ठी की स्कैन कॉपी अपलोड करना होगा।
आवेदन करने की अंतिम तिथि-30-09-2018 है।राज्य स्तर पर और राष्ट्रीय स्तर पर चयनित तीन-तीन विजेताओं का चयन विभाग के द्वारा किया जाएगा। राज्य स्तर पर चयनित विजेताओं में  प्रथम स्थान,द्वितीय स्थान और तृतीय स्थान पानेवाले विजेता को पुरष्कार स्वरूप  क्रमशः पच्चीस हजार,दस हजार और पांच हजार रुपये नकद दिए जाएंगे जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चयनित प्रथम स्थान ,द्वितीय स्थान  तथा तृतीय स्थान पाने वाले विजेताओं को पुरष्कार स्वरूप क्रमशः पचास हजार,पच्चीस हजार तथा दस हजार रुपये नकद दिए जायेंगे।बताते चले कि डाक विभाग द्वारा आयोजित होने वाली इस अनोखी पत्र लेखन प्रतियोगिता का उद्देश्य गम होती पत्र लेखन कला को जीवंत बनाये रखना तथा 'चिट्ठियाँ जोड़े दिलों के तार' के सिद्धांत को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से डाक-विभाग का यह प्रयास 'मील का पत्थर' साबित होगा। इन्ही सब बातों पर आधारित अपने विचारों को अपने पत्र में समायोजित करने है।  

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