जयपुर 15 अक्टूबर ।  स्व0 श्री मुकेश कानूनगो, ने दिनांक 01.09.2018 को थानाधिकारी पुलिस थाना कोतवाली फतेहपुर का पदभार सम्भाला था। इलाके में आपराधिक गतिविधि से संबंधित आसूचना के संकलन से यह ज्ञात हुआ था कि अजय चौधरी पुत्र श्री रामकुमार, जगदीप उर्फ धनकड पुत्र श्री शिशुपाल सिंह निवासी खांजी का वास व दिनेश उर्फ लारा तथा अन्य के साथ मिलकर एक बडी लूट की बारदात करने की फिराक में है। अजय चौधरी व धनकड नेछवा वाली लूट में भी वांछित थे। साथ ही यह भी पता चला था कि वह मनोज स्वामी हिस्ट्रीशीटर, पुलिस थाना कोतवाली फतेहपुर के ऊपर जानलेवा हमला कर सकता है जिससे अपराध जगत में अजय चौधरी का स्थान शीर्ष पर हो जावेगा। सूत्रों से यह भी पता चला था कि फतेहपुर में लेसवा रोड से अक्सर आते-जाते हैं। अपराधियों के विरूद्ध कार्यवाही करने के लिए श्री मुकेश कानूनगो ने इलाका देखने का तय किया तथा अपराधी गैंग को पुलिस के मूवमैन्ट का पता नहीं चले इसलिए प्राइवेट गाडी में अपने विश्वास की टीम में श्री रमेश कानि0, श्री रामप्रकाश कानि0 एवं श्री सांवरमल कानि0 को लेकर रैकी करने के लिए दिनांक 06.10.2018 को रात्रि में 11.36 बजे रवाना हुए थे। रास्ते में उन्होंने एक संदिग्ध स्विफ्ट कार चैक की तथा इलाका देखते हुए आगे बढे तभी लेसवा गांव की तरफ एक गाडी आती दिखाई दी। पुलिस पार्टी ने गाडी को रूकने का इशारा किया। पुलिस के पास महिन्द्रा गेटवे गाडी थी। 
उस दिन अपराधियों ने 02 लोगों को अपना टारगेट चुना था। रामपाल का विरोधी प्रदीप गिल निवासी खिरोड तथा फतेहपुर का मनोज स्वामी था। अजय चौधरी लगातार मनोज स्वामी की लोकेशन ले रहा था। जैस ही उसे मनोज स्वामी के गाजी के फार्म हाऊस से निकलने की सूचना मिली वह तुरन्त सभी साथियों को लेकर मनोज स्वामी की तरफ जा रहा था। इतने में उसे गेटवे गाडी ने रूकने का इशारा किया। उन्होंने सोचा यह मनोज स्वामी है और बढिया मौका है एवं उन्होंने अटैक कर दिया। पहला फायर अजय चौधरी ने किया व अन्य फायर उसके साथियों ने किये, जिससे श्री मुकेश कानूनगो एवं रामप्रकाश कानि0 को गोली लग गई। बदमाशों की गाडी को आमिर चला रहा था। पुलिस ने भी जबाबी फायर किया। आमिर को लगा कि उसे गोली लगी है तथा उसने गाडी नहीं चलाई। दूसरे से गाडी हडबडाहट में आगे पलटी खा गई। वहॉं से अजय और लारा फतेहपुर में आ गये। शेष सभी मौके से भाग गये थे।
गिरफ्तार अपराधीः-
रामपाल  - पुणे से 2 ए.एम. - 14.10.2018
लारा  - पुलिस अभिरक्षा में
अजय चौधरी  - दादर रेल्वे स्टेशन
जगदीप धनकड  - दादर रेल्वे स्टेशन
आमीर - कोलीडा गॉंव थाना बलारा
तकनीकी विश्लेषण के दौरान अहम जानकारी मिलने निर्देशानुसार मैं बजरंग सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं कामरान पुलिस निरीक्षक मय टीम के दिनांक 12.10.2018 को सायं 07 पीएम रवाना होकर लगभग दिनांक 13.10.18 को समय 07 पीएम पर पुना पहुंचकर एसीपी, क्राईम श्री समीर शेख आयुक्तालय पुणे की मदद से संदिग्धों को पहचान करके कार्यवाही शुरू की।
(प्) संदिग्धों में से कुछ लोगों के पुणे स्टेशन से देखे जाने के बाद रवाना होने की सूचना पर पीछा किया तो अन्य व्यक्ति पाये गये। 
(प्प्) उसके बाद ज्ंतहमजमक संदिग्धों के आसपास के टैक्सी, दूकानदार, संपर्क सूत्र से पता किया गया एवं जानकारी करने पर छुपे स्थानों पर दबिश देकर रामपाल ।बबनेमक एवं मददकर्ता विभोहर एवं मोनी को क्मजंपद किया एवं पूछताछ करने पर उन्होने बताया कि अजय चौधरी एवं जगदीप धनकड़ के बारे में अहम जानकारी दी। उनके पहनावे, उनके निशानात, उसकी चोट आदि के बारे में जानकारी दी। समस्त जानकारी जुटाने के बाद दिनांक 14.10.2018 को प्रातः 03ः30 एएम पर रवाना होकर आरोपियान रामपाल, विभोर एवं मोनी मुंबई, झुन्झुनूं के जाब्ते के सुपुर्द किया।
उसके बाद मुंबई एटीएस के सहयोगियों को साथ लेकर प्राप्त सूचना के अनुसार दादर रेल्वे स्टेशन मुंबई पर आरोपियों के बारे में पुख्ता जानकारी के तहत तलाशी ली गई तथा इसमें श्रीमान महानिरीक्षक पुलिस, जयपुर रेंज, जयपुर के निर्देश पर भेजी गई झुन्झुनूं की टीम का सहयोग लिया गया।
दिये गये हुलिए एवं तकनीकी जानकारी आधार पर आरोपी अजय एवं जगदीप धनकड़ को क्मजंपद किया गया।
(प्) आरोपी नेपाल जाने वाले थे।
(प्प्) आरोपियों ने जगदीप धनकड़ का इलाज पुणे में करवाया।
(प्प्प्) आरोपी अजय फरारी के बाद दिनांक 09.10.2018 को अपने साथी विभोर के ठपतजीकंल में शामिल हुआ था।
(प्ट) विभोर एवं मोनी को अजय द्वारा पुलिस पर की गई गोलीबारी एवं हत्या की जानकारी थी।
(ट) आरोपी पुणे में दिन में मंदिरों की शरण में रहते थे।
(टप्) विभोर एवं मोनी ने रेल्वे स्टेशन पर दिनांक 13.10.2018 को अजय एवं जगदीप को छोड़ा था।
(टप्प्) विभोर एवं अजय फरीदाबाद में साथ पढे हुए हैं एवं गहरी दोस्ती थी।
(टप्प्प्) अजय व्यभिचारी एवं महंगी मोटरसाईकिल का शौकीन था।
(प्ग्) रामपाल भी आरोपियों का सहयोगी एवं लड़ाई -झगड़े करने का अभ्यस्त है।
(ग्) तकनीकी टीम के मनीष शर्मा एवं राजेश दुरेजा की टीम ने समय-समय पर न्चकंजमक किया एवं सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराई।
चार पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को मिलेगी डीजीपी डिस्क
इस अवसर पर उल्लेखनीय कार्यो के लिये एटीएस के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री बजरंग सिंह, वृताधिकारी नवलगढ जिला झुन्झुनु श्री रामचन्द्र मूंड, थानाधिकारी नवलगढ श्री महावीर सिंह राठौड व एटीएस के पुलिस निरीक्षक को डीजीपी डिस्क देने की घोषणा की गई।

Post A Comment: