इप्टा  राष्ट्रीय प्लैटिनम जुबली समारोह,  27-31 अक्टुबर, पटना
# देश के नामचीन नाट्य निर्देशकों के नाटकों के साथ होगी अमित रंजन के निर्देशन में भिखारी ठाकुर के बिदेसिया की प्रस्तुति

छपरा। राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय जननाट्य संघ (इप्टा) स्थापना के 75 वें वर्ष प्लैटिनम जुबली पर पटना में राष्ट्रीय प्लैटिनम जुबली समारोह का आयोजन 27- 31 अक्टुबर को पटना के आठ स्थानों पर किया गया है। जिसमें शबाना आज़मी, रमेश तलवार, मकरन्द देशपांडे, एम. के. रैना, एम. एस. सथ्यू, मलाडा रवि, प्रकाश राज, संजना कपूर जैसे राष्ट्रीय स्तर के लीजेंड के जमावडे के बीच देश के नामचीन निर्देशकों के नाटकों के साथ 30 अक्टुबर की शाम प्रेमचंद रंगशाला, राजेन्द्र नगर, पटना में अमित रंजन के निर्देशन में होगी भिखारी ठाकुर की कालजयी नाट्य रचना "बिदेसिया"  की 12 वीं प्रस्तुति। छपरा इप्टा की 30 सदस्यीय टीम बिहार इप्टा के अध्यक्ष  एम एल सी प्रो. वीरेन्द्र नारायण यादव के अभिभावकत्व और रंगकर्मी श्याम सानू के नेतृत्व में छपरा से शामिल होने जा रही है।

राष्ट्रीय प्लैटिनम जुबली समारोह में छपरा इप्टा के द्वारा जो कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे उनमें 28 अक्टुबर को  राजनन्दन सिंह राजन रंगचबूतरा, कालीदास रंगालय परिसर में 4:30 से 5:00 बजे तक छपरा इप्टा दो जनगीत एवं ऊ. प्र. इप्टा का जनगीतों की प्रस्तुति होगी जिसका उद्घाटन पृथ्वी थियेटर से जुड़ी राजकपूर के खानदान की वारिश और फिल्म अभिनेत्री  संजना कपूर करेंगी। छपरा द्वारा जनगीत
'कहब त लाग जाई धक से' से
मुख्य स्वर  कंचन बाला का कोरस में  शरद आनन्द, रंजीत गिरि, आनन्द किशोर मिश्रा, मुन्ना कुमार, पम्मी मिश्रा, उज्ज्वला पाठक, राहुल कुमार, शिवांगी सिंह हैं तो वहीं.
वादकों में शरद आनन्द, विनय कुमार विनू, राजकिशोर मिश्रा, श्याम सानू हैं दूसरे जनगीत' जनता के आवे पलटनिया हिलेला झकझोर दुनिया' में
मुख्य स्वर रंजीत गिरि का, कोरस में कंचन बाला,  शरद आनन्द, आनन्द किशोर मिश्रा, मुन्ना कुमार, पम्मी मिश्रा, उज्ज्वला पाठक, राहुल कुमार, शिवांगी सिंह का है तो वहीं शरद आनन्द, विनय कुमार विनू, राजकिशोर मिश्रा, श्याम सानू होंगे।

29 अक्टुबर  को  भिखारी ठाकुर रंगभूमि, गाँधी मैदान
दोपहर 2: 30 से 4: 30 बजे तक
आगरा, बिहार इप्टा के जनगीत और तमिलनाडु इप्टा, भागलपुर इप्टा एवं छपरा इप्टा के रंगभूमि नाटक होंगे जिसमें अमित रंजन लिखित और निर्देशित "कुंभकरण" की प्रस्तुति होगी जिसमें अभिजीत कुमार सिंह, मुन्ना कुमार, शिवांगी सिंह, अली अहमद, संभव संदर्भ, संस्कार वर्मा, राहुल कुमार, संचय वर्मा, आरती सहनी, सुहैल अहमद का अभिनय कर रहे हैं।

चौथे दिन 30 अक्टुबर को प्रेमचंद रंगशाला, राजेन्द्र नगर, मोईनुल हक़ स्टेडियम के पास, पटना में राष्ट्रीय नाट्य समारोह के अन्तर्गत
शाम 5 :00 से 7: 00 बजे छपरा इप्टा अमित रंजन के निर्देशन मेन भिखारी ठाकुर की कालजयी नाट्य रचना बिदेसिया की प्रस्तुति द्वारा बिहार का प्रतिनिधित्व करेगी। जिसके साथ ही छपरा राष्ट्रीय रंगमंच के स्तर पर आ जाएगा।
निर्देशक अमित रंजन ने बताया कि देश के नामचीन लीजेंड बन चुके नाट्य निर्देशकों की पंक्ति में शामिल हो कर अपना नाटक प्रस्तुत करना न सिर्फ निर्देशक के लिए बल्कि छपरा इप्टा के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि इतने बड़े मंच के मद्देनज़र नाटक में संभवतः पहली बार लोक के साथ शास्त्रीय संगीत का फ्यूजन प्रस्तुत किया जा रहा है। नायिका के वियोग की चरम अवस्था के दर्शन के लिए जहाँ लोक धुन के साथ शास्त्रीय संगीत की राग रागिनियों का इस्तेमाल किया गया है वहीं कत्थक का भी बड़ा कलात्मक प्रयोग किया जा रहा है, मात्र 50 मिनट की इस प्रस्तुति के लिए अभिनेता अभिनेत्रियों ने जम कर मेहनत की है। संगीत पक्ष को भी इप्टा के सुधी संगीत निर्देशकों ने बड़ा प्रभावकारी बनाया है। नाटक में  अर्चिता माधव (प्यारी सुंदरी,  रंजीत गिरि (बिदेसी)  शिवांगी सिंह (सलोनी) अभिजीत कुमार सिंह (बटोही) संभव संदर्भ (जोकर), कुणाल मंगलम (ग्रामीण) मुन्ना कुमार, प्रेम मंगलम एवं युवराज सिंह (पुत्रों) की भूमिका में हैं तो
समाजी के रुप में शरद आनन्द, कंचन बाला, आनन्द किशोर मिश्रा, पम्मी मिश्रा, उज्ज्वला पाठक, राज किशोर मिश्रा, विनय कुमार विनू, श्याम सानू हैं।
संगीत निर्देशन कंचन बाला और  शरद आनन्द का है तो
सहयोगी निर्देशक श्याम सानू हैं ।

इस दिन की दूसरी प्रस्तुति चंडीगढ़ इप्टा की प्लेटफार्म होगी।
ये जानकारी इप्टा छपरा के अध्यक्ष अमित रंजन ने दी।

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