सुलतानपुर। तिकोनिया पार्क में मोस्ट कल्याण संस्थान के तत्वाधान में जीशान अहमद के नेतृत्व में  "मिसाइल मैन" डॉ. ए. पी.जे. अब्दुल कलाम की जयंती कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें मोस्ट समाज के जागरूक लोगों ने भारी तादात में शिरकत की व विद्वान वक्ताओं ने डॉ. कलाम के जीवन-संघर्ष व कृत्यों पर प्रकाश डाला।  
         उक्त अवसर पर जयंती समारोह के सरंक्षक व मोस्ट कल्याण संस्थान के निदेशक शिक्षक श्यामलाल निषाद ने कहा कि एक निर्धन व अभावग्रस्त मछुआरा समुदाय में जन्मे डॉ. कलाम ने एक तरफ शत्रु राष्ट्रों के समक्ष भारत की सामरिक क्षमता का लोहा मनवाया तो दूसरी तरफ अपने सादगी पूर्ण  व्यवहार से सुख-समृद्धि की जीवन-शैली पर तमाचा मारा। डॉ. कलाम का  जीवन-संघर्ष  हमें  प्रेरणा देता है यदि सच्ची लगन हो तो शिक्षा व अध्ययन के बल पर  सीमित साधन-सुविधा में भी फर्श से अर्श पर पहुँचा जा सकता है। उप निदेशक राजकुमार गौतम ने कहा कि सामाजिक व सांस्कृतिक  आयोजनों के माध्यम से दुखिया-दुखिया, भाई-भाई के सिद्धांत पर काम करते हुए हमें मोस्ट समाज में  सहकारिता व समन्वय कायम  करना होगा। कार्यक्रम के आयोजक जीशान अहमद ने कहा कि  देश में  अमन-चैन व खुशहाली  के लिए कौमी एकता कायम करने का प्रयास हम सब को मिल-जुल कर करना होगा।  कार्यक्रम का संचालन आमिल सुल्तानपुरी ने किया।
          उक्त अवसर पर निकलेश सरोज, नीलम कोरी, छोटेलाल निषाद, रामकुमार यादव, योगेश निषाद, राम सूरत मौर्य,  सन्तराम निषाद, धनश्याम निषाद, एन.डी. विद्रोही, मंगलेश योद्धा, शिवलाल निषाद,निज़ाम खान, मोहर्रम अली, मद्दन, अनिल कोरी, अलिफ फहमी, सोहरत अली, फिरोज खान, मो. रिजवान गनी खान, अजमल खान, हकीक उज्जमा, डॉ. अहमद अली, सत्यदेव निषाद, रमेश चन्द्र नन्दवंशी, प्रभुनाथ, मुकेश निषाद आदि ने अपने विचार व्यक्त किये।  कार्यक्रम की अध्यक्षता राम जतन बौद्ध ने किया। इस अवसर पर सत्यम निषाद, संतलाल निषाद, अमृतलाल निषाद, राम प्यारे निषाद, प्रेमचन्द्र निषाद सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

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