जालोर।
एंकर.....
नवरात्रि पर्व को लेकर क्षेत्रभर में गरबों की धूम चल रही है। आद्य शक्ति आराधना के महापर्व शारदीय नवरात्र के उत्सवी माहौल में हर वर्ग का व्यक्ति डूबा हुआ है। शाम ढलते ही गरबा चौक रोशन होने लगे है, तो गुजराती गरबो की धुन शुरू हो जाती है। इसी के साथ महिला-पुरुष, युवा और बच्चों के कदम डांडियों के साथ थिरकने लगे है। गरबा चौकों पर देर रात तक रौनक नजर रही है। वहीं दैवीय मंदिरों में अनुष्ठानों किए जा रहे है।
नवरात्रि में चौथे दिन देवी को कुष्मांडा के रूप में पूजा जाता है। मां का ये रूप बेहद ही शांत, सौम्य और मोहक है। इनकी आठ भुजाएं हैं, इसलिए इन्हें अष्टभुजा कहते हैं । इनके सात हाथों में क्रमशः कमण्डल, धनुष, बाण, कमल-पुष्प, अमृतपूर्ण कलश, चक्र तथा गदा हैं। आठवें हाथ में सभी सिद्धियों और निधियों को देने वाली जप माला है। इस देवी का वाहन सिंह है।
निकटवर्ती तालियाणा के मम्माई माता मंदिर परिसर में शारदीय नवरात्री गरबा महोत्सव का आयोजन हो रहा है। जिसके निमित चौथे दिन शनिवार को भी गरबों की धूम रही।
तालियाणा में हर साल गरबों का आयोजन हो रहा है। जिसमे तालियाणा ग्राम सहित आस-पास के सेकड़ों की संख्या में भक्तगण गरबों का लुत्फ़ उठाने आ रहे है।
नवरात्री के चौथे दिन कलाकार निखित मनचला गुड़ामालाणी व निर्मला रानी-फालना ने एक से बढ़कर एक शानदार गरबों की प्रस्तुतियाँ देकर लोगों को भाव-विभौर कर दिया। विभिन्न प्रकार की झांकियों के माध्यम से भक्तों का मनोरंजन किया। वही विभिन्न प्रकार की हास्य नाटकों ने दर्शकों को हंसा-हंसा कर लोट-पोट कर दिया। शनिवार को जीतू सोनी जीवाणा ने भी अपनी उपस्थिति देकर गरबों की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का सञ्चालन इंन्द्रसिंह राठौड़ आकवा ने किया।
इसी प्रकार मेंगलवा में के चामुंडा माता मंदिर, आलवाङा के चादरा माता मंदिर, सायला के अंबे माता मंदिर तथा थलवाड़ के निम्बेश्वरी माता मंदिर के आलावा क्षेत्रभर में गरबा नृत्यों की धूम चल रही है।
जालोर से गेबाराम चौहान की रिपोर्ट

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