देश को बाँटने वालों से सावधान रहना होगा।
विनय कुमार मिश्र गोरखपुर ब्यूरों।
लौह पुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल की जयंती पर लोगों को शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जो लोग जाति और भाषा के नाम पर देश को बांटना चाहते हैं, उनसे सावधान रहने की जरूरत है। बाद में उनके परिवार का क्या होता है? आप जानते ही हैं। उन्होंने कहा कि हमें ऐसा भारत चाहिए जहां नक्सलवाद, आतंकवाद, जातिवाद आदि प्रकार की गंदी सोच और मानसिकता न हो। जहां हर व्यक्ति की सुरक्षा की गारंटी हो तथा आपसी स्नेह भाईचारा हो।कटुता मनमुटाव आदि का कोई स्थान न हो।चौरी चौरा के बरही सोनबरसा के प्रताप नारायण सिंह जनता इंटर कालेज परिसर में स्वर्गीय प्रताप नारायण सिंह की प्रतिमा का  अनावरण करते हुये मुख्यमंत्री ने ये विचार व्यक्त किये। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को प्रताप नारायण सिंह जनता इंटर कालेज बरही सोनबरसा में विद्यालय के संस्थापक स्वर्गीय प्रताप नारायण सिंह की प्रतिमा के अनावरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। इसके पूर्व दीप प्रज्ज्वलित कर उन्होंने प्रतिमा का अनावरण किया। सीएम ने कहा कि आज देश स्वतंत्र भारत के शिल्पी सरदार बल्लभ भाई पटेल को याद कर रहा है। उत्तर से दक्षिण और पूरब से पश्चिम तक भारत की सभी अलग-अलग रियासतों को एक साथ जोड़ने का काम सरदार पटेल ने किया। सभी 568 रियासतों को एकजुट किया और वर्तमान भारत की रचना की।स्वर्गीय प्रताप नारायण सिंह के योगदान की उन्होंने सराहना करते हुये कहा कि उनके योगदान को भुलाया नही जा सकता।मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सनातन धर्मावलंबी इसलिए हैं क्योंकि जिसने हमारे लिए कुछ किया, उसके प्रति हम कृतज्ञता ज्ञापन करते हैं। स्वर्गीय प्रताप नारायण सिंह को स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के पहले इस क्षेत्र में शिक्षा का अलख जगाना दुरूह कार्य था, उस कालखण्ड में इस क्षेत्र में शिक्षा की अलख जगाने के लिए उन्होंने विद्यालय की स्थापना की। यह पुण्य का कार्य है। अपनी स्मृतियां ताजी करते हुए योगी ने कहा कि 20 साल पूर्व यहां आया था तो यहां शैक्षणिक वातावरण काफी अच्छा था। क्षेत्र के विकास के लिए स्वर्गीय प्रताप नारायण सिंह की रूचि देखते ही बनती थी। उन्होंने कहा कि दुनिया का सबसे उत्कृष्ट बल, बैभव और बुद्धि हमारे पास थी। दुनिया का पहला विश्वविद्यालय भी भारत में ही बना, जब दुनिया अंधेरे में थी हमारे ऋषि-मुनियों के गुरुकुल में अच्छी शिक्षा दी जाती थी। दुनिया में भारत कही पहुंचा तो अपने ज्ञान की बदौलत ही पहुंचा। सभा को सम्बोधित करते हुये उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र की पुस्तक 'एग्जाम वारियर्स' हर विद्यालय की लाइब्रेरी में रखी जानी चाहिए। इस पुस्तक की उपयोगिता प्रत्येक छात्र के लिए है। उन्होंने कहा कि हजारों वर्ष पुरानी योग की परम्परा को हमने भुला दिया लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परम्परा को पुन: आगे बढ़ाया। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरूआत की। विद्यालयों को इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए। क्योंकि योग हमें तन और मन से स्वस्थ रखता है, जीवन में अनुशासन भी लाता है। हर व्यक्ति में योग्य व्यक्ति की क्षमता है। कम बुद्धिमान व्यक्ति को बिना धैर्य खोए बुद्धिमान बनाना भी महत्वपूर्ण कार्य है। शिक्षकों को यह कार्य बिना धैर्य खोए करना चाहिए। बच्चों को प्रतिदिन कम से कम दो समाचार पत्र और उसकी संपादकीय को पढ़ना चाहिए। इससे उनके पास ज्ञान को कोष बनेगा, यह ज्ञान प्रतियोगी परिक्षाओं में भी काम आएगा।

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