नहीं करो सगाई नहीं होगी लड़ाई पत्नी का अधिकार पाने को दो बेटों संग भटक रही विवाहिता अपने ही घर में बेगानी बनी नूतन कोर्ट का आदेश भी नहीं मान रहे ससुराल वाले शादी के 14 साल बाद भी अपने ही घर में बेगाना बनने को विवश है रोसरा की बहू नूतन देवी अग्नि की साक्षी मान सात फेरे लेने वाले पति अनिल कुमार के जुल्म के चलते नूतन दो बेटों संग ससुराल पांचू पूर्व से चंद कदम दूर गायत्री नगर में किराए के घर में रहकर पत्नी का अधिकार पाने के लिए कानूनी जंग लड़ रही है समस्तीपुर के प्रधान न्यायाधीश द्वारा भरण-पोषण के लिए आदेश का भी नूतन के प्रति कोई मैंने नहीं रख रहा है नूतन उसके दोनों बेटे का भरण पोषण पढ़ाई लिखाई अपनी मां के पेंशन से हो रहा है नूतन के पति पराई औरत को पत्नी बनाकर घर में बैठा रखा है पति की दूसरी शादी के बाद नूतन के साथ सौतन से भी दो-दो हाथ करने की नौबत आ गई है नूतन अपना ससुराल जाना चाहती है सौतन को आगे कर खुद पति गायब हो जाता है मामला हो हंगामे से लेकर मारपीट में तब्दील हो थाने तक पहुंच जाती है ससुराल से निकाले जाने के बाद रोसरा शहर में ही किराए के घर में रहकर अपने दोनों बेटे को पढ़ाने लिखाने का काम कर रही है परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश के आदेश के बाद जब वह ससुराल पहुंची तो पति का दूसरी औरत से शादी कर लेने का पता चला दूसरी शादी का विरोध करते वह ससुराल में रहने की कोशिश करने पर पति और सोतन ने मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया तब से वह न्याय पाने के लिए दर-दर भटक रही है

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