मतदान प्रक्रिया के लिए स्वयं को पूर्ण तैयार करें मतदान कार्मिक-जिला निर्वाचन अधिकारी

मतदान दल कार्मिक चुनाव प्रशिक्षण प्रारम्भ

बीकानेर, 23 अक्टूबर। जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ एन के गुप्ता ने कहा कि मतदान कार्मिक प्रशिक्षण के दौरान  मतदान प्रक्रिया की समस्त जानकारी लेते हुए कर्तव्य निर्वहन के लिए स्वयं को तैयार करें। डॉ गुप्ता मंगलवार को पॉलिटेक्निक कॉलेज में मतदान दल कार्मिकों के प्रथम चरण के प्रशिक्षण प्रारम्भ होने के अवसर पर अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देश दे रहे थे।

डॉ गुप्ता ने कहा कि स्वतंत्रा, निष्पक्ष व शांतिपूर्ण मतदान सम्पन्न कराने में मतदान दलों की महत्ती भूमिका है और मौके पर आने वाली समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए आवश्यक है कि मतदान दल को चुनाव आयोग के नियमों एवं निर्देशों, आदर्श आचार संहिता के साथ ही इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन व वीवीपैट की कार्य प्रणाली की पूर्ण जानकारी हों। उन्होंने कहा कि मतदान दल एवं चुनाव से जुडे़ अधिकारी व कर्मचारी आयोग के प्रति जवाबदेह है इसलिए आवश्यक है कि वे ऐसा कोई कार्य नहीं करें जिससे उनकी निष्पक्षता पर संदेह हों। उन्होंने कहा कि निष्पक्षता उनके कार्य व्यवहार से प्रकट होनी चाहिए।

प्रशिक्षण प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ राकेश शर्मा, जिला सूचना एवं विज्ञान अधिकारी ए के पिल्लई तथा मास्टर ट्रेनर वाई वी माथुर ने ईवीएम तथा वीवीपैट की कार्यप्रणाली की विस्तार से जानकारी दी। डॉ शर्मा ने कहा कि मतदान केन्द्रों के पास भीड़ जमा नहीं होने देने और केन्द्र के 200 मीटर की परिधि में किसी प्रत्याशी का बूथ नहीं लगना सुनिश्चित किया जाए। मतदान दल अधिकारी उन्हें दी जाने वाली चैक लिस्ट से मशीन की प्रक्रिया आदि कार्यों को अच्छी तरह जांच लें ताकि मतदान दिवस के अवसर पर किसी प्रकार की समस्या नहीं आए। उन्होंने कहा कि मतदाता को फोटोयुक्त शासकीय मतदाता पर्ची लाने पर मताधिकार का प्रयोग करने दिया जावे। उन्होंने पीठासीन अधिकारियों द्वारा व्यक्त की गई शंकाओं का समाधान किया।

वीवीपैट के माध्यम से होगी मतदाताओं को संतुष्टि

ए के पिल्लई ने वोटर वेरिफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट) की कार्यप्रणाली की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग द्वारा राजस्थान विधानसभा चुनाव में मतदाताओं की संतुष्टि के लिए पहली बार वीवीपैट की व्यवस्था की गई। इसके तहत मतदाता के ईवीएम पर अपनी पंसद के प्रत्याशी के सामने का बटन दबाने के साथ ही लाल लाईट जलने के दौरान पास ही रखी वीवीपैट मशीन से एक पर्ची बाहर बाहर आएगी। इस पर्ची पर मतदाता के पंसद के प्रत्याशी का नाम, क्रम संख्या व चुनाव चिन्ह दर्ज होगा। यह पर्ची सात सैकेण्ड तक सामने रहेगी। यह इस बात का सबूत रहेगा कि मतदाता का वोट उसके पंसद के प्रत्याशी को ही गया है। उन्होंने कहा कि वोटिंग प्रारम्भ होने से पहले मॉक पोल के दौरान अभिकर्ताओं तथा आम मतदाताओं के समक्ष इस प्रक्रिया का प्रदर्शन किया  जाए ताकि वे इससे संतुष्ट हो सके।

मास्टर ट्रेनर वाई वी माथुर ने स्लाइड, पावर प्वाइट प्रजेंटेशन, ईवीएम व वीवीपैट का प्रदर्शन कर मतदान दलों को विस्तार से जानकारी दी। कािर्मकों को बैच बनाकर वीवीपैट व ईवीएम का प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने कहा कि कार्मिक यह सुनिश्चित करें कि मशीन उन्हीं के मतदान केन्द्र से सम्बंधित हो। मतदान केन्द्र पर मतदान दिवस पर मतदान प्रारम्भ होने से एक घंटे पूर्व पीठासीन अधिकारी प्रत्याशियों के अभिकर्ताओं के समक्ष मशीन की तैयारी प्रारम्भ करेंगे तथा कंट्रोल यूनिट का स्वीच ऑन करने पर उसके स्क्रीन पर एनपी 1 प्रदर्शित होगा, जिसके कुछ क्षण पश्चात स्क्रीन पर प्रत्याशियों की संख्या प्रदर्शित होगी, जिसका तात्पर्य होगा कि चुनाव में कितने प्रत्याशी मैदान में हैं, तत्पश्चात पीठासीन अधिकारी टोटल का बटन दबाएं जिससे स्क्रीन पर 0000 प्रदर्शित होगा जिसका अर्थ होगा कि मशीन पर पहले से कोई मत अंकित नहीं है।

माथुर ने बताया कि अभिकर्ताओं की उपस्थिति में यह सुनिश्चित करने के बाद कि मशीन पर पहले से कोई मत अंकित नहीं है, इसके बाद व मशीन में ग्रीन पेपर सील व स्वयं द्वारा हस्ताक्षरित विशेष टैग लगाएंगे तथा ढक्कन बंद कर उसे टैग सील करेंगे। कार्मिकों को पोलिंग स्टेशन से बाहर की व्यवस्था, मॉक पोल, सी विजिल ऐप डाउनलोड करने के बारे में विस्तार से बताया गया तथा दोनों मशीनों को सील पैक करने की कार्यवाही भी समझाई गई।

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