विनय कुमार मिश्र
गोरखपुर ब्यूरों। कलेक्ट्रेट स्थित सिटी मजिस्ट्रेट के कार्यालय पर इन दिनों मेला स्थल बना हुआ है क्योंकि यहां पटाखों के अस्थाई लाइसेंस के लिए लोगों की भीड़ लगी है । दशहरा समाप्त होते ही लोग दीपावली की तैयारियों में जुट जाते हैं । रौशनी के पर्व दीपावली की पहचान मिठाइयों के अलावा पटाखों से होती है । जहां एक तरफ स्वादिष्ट मिठाइयों के लिए खोवा व अन्य सामग्रियों की आवश्यकता होती है वही पटाखों का निर्माण बारूद से किया जाता है । एक अच्छी दीपावली के लिए मिठाई, पटाखे और दीयों का होना ज़रूरी है। इस महत्वपूर्ण पर्व को देखते हुए जिला प्रशासन के अधिकारियों की नज़र मिलावटखोरों के साथ ही साथ पटाखा व्यवसायियों पर है । इसी क्रम में आज सिटी मजिस्ट्रेट अजीत कुमार सिंह ने पटाखा लाइसेंसधारियों के साथ जिलाधिकारी सभागार में बैठक कर पटाखों की बिक्री और रखरखाव को लेकर कड़े दिशानिर्देश दिए ।
बैठक के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ खोवा मंडी पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट अजीत कुमार सिंह और अपर सिटी मजिस्ट्रेट गौरव श्रीवास्तव ने खोवा व्यवसायियों के प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर उन्हें मिलावट न करने का फरमान सुनाते हुए कड़े निर्देश दिए।
इसी क्रम में राप्तीनगर स्थित एक  फैक्टरी पर भी छापेमारी की गई ।
बताते चलें कि जहां एक ओर दीपावली के पर्व पर मिलावटखोरों ने अपनी गतिविधियां तेज़ कर दिया है । शहर के विभिन्न इलाकों में खाद्य तेल, मिठाइयों व नकली खोवा भारी मात्रा में लोगों के लिए उपलब्ध है तो दूसरी ओर भीड़भाड़ वाले स्थानों व घनी आबादी में पटाखों के भंडारण और बिक्री पर लगी सरकारी रोक सिर्फ कागजों में सिमट कर रह गई है। शहर के तमाम स्थानों पर भीड़ भाड़ वाले इलाकों में खुलेआम पुलिस की नाक के नीचे पटाखों का थोक व फुटकर व्यवसाय चल रहा हैं। यहां यह भी बताना जरूरी है कि दीपावली पर्व के लिए पूर्व में शहर के 12 स्थानों को चिन्हित कर वहां पटाखा लाइसेंस जारी किए जाते रहे हैं, जिसमें टाउन हॉल स्थित कचहरी क्लब ग्राउंड को सभी पटाखा व्यवसाई प्राथमिकता देते हैं । क्योंकि यहां पटाखों की बिक्री सबसे ज्यादा होती है । इन अस्थाई लाइसेंस के लिए संबंधित थाना के अलावा अग्निशमन कार्यालय से एनओसी प्राप्त करने के बाद सरकार द्वारा निर्धारित शुल्क जमा करके लाइसेंस प्राप्त किया जाता है । बहरहाल जहां अवैध बारूद का धंधा ज़ोरो पर है वही सम्बंधित अधिकारी सूचना के इंतेज़ार में हैं जबकि शहर का ख़ुफ़िया विभाग अभी कारोबारियों के आकलन में जुटा है । इस बीच बारूद के ढेर पर खड़े इस शहर में यदि कोई बड़ी दुर्घटना नही हुई तो यह अपने आप में भगवान् का एक वरदान ही होगा।

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