विनय कुमार मिश्र गोरखपुर ब्यूरों।
शहर के ऐतिहासिक सूरजकुंडधाम पोखरे सोमवार को सैकड़ों की संख्या में मछलियों के मरने की खबर ने प्रशासनिक अमले को बेचैन कर दिया। खबर आई कि किसी ने पोखरे में जहर मिला दिया है लेकिन जब अधिकारी मौके पर पहुंचे तो यह साफ हुआ कि पोखरे की बड़ी मछलियां ही मर रही हैं, जबकि छोटी मछलियों पर कोई असर नहीं है। जांच के बाद यह पता लगा कि पोखरे में ऑक्सीजन की कमी हो गई है, लिहाजा बड़ी मछलियां मर रही हैं। चूंकि पोखरे में मछलियों की तादात काफी अधिक है। इस नाते सबको पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पा रहा। दूसरी ओर यह भी कहा जा रहा है कि यहां की व्यवस्था का संचालन करने वाली एक कमेटी ने काफी मात्रा में चूना पोखरे के आसपास डाल दिया था। हो सकता है कि इस चूने के पोखरे में घुलने की वजह से भी यह हादसा हुआ हो। फिलहाल पूरे मामले पर जांच बैठा दी गई है। बातचीत में नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश सिंह ने कहा कि पोखरे में मछलियों की संख्या काफी अधिक है। प्रथम दृष्टया यह बात सामने आई है कि पोखरे में मछलियों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल रहा है। दिन छोटा हो रहा है लिहाजा ऑक्सीजन उतना नहीं बन पा रहा। इस घटना के बाद से पोखरे में मछलियों की संख्या बैलेंस में रहे इसके लिए कुछ मछलियों को दूसरे तालाब में शिफ्ट किया जा रहा है। सूरजधाम पोखरे की साफ सफाई के निर्देश दे दिये गये हैं। गंदे पानी को बाहर निकाला जा रहा है। ऑक्सीजन बढ़ाने के लिए फव्वारा लगाया जा रहा है। मौके पर मतस्य विभाग के अधिकारी भी पहुंच चुके हैं। नगर आयुक्त ने बताया कि ऑक्सीजन की कमी की वजह से बड़ी मछलियां का दम घुटा है।

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