आखिर झुंझुनू आबकारी विभाग की खुल ही गई पोल

 आबकारी विभाग का गार्ड ₹7000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों हुआ गिरफ्तार

 गार्ड ने आबकारी विभाग के निरीक्षक संजीव शर्मा के लिए ली थी ₹7000 की रिश्वत

 सीकर एसीबी टीम ने आबकारी विभाग के गार्ड को रंगे हाथों किया गिरफ्तार



झुन्झुनु..आज झुंझुनू आबकारी विभाग का गार्ड संदीप झुंझुनू के ही एक देसी शराब के ठेके के संचालक प्रताप सिंह जाट से सात हजार रुपये मंथली की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार हो गया झुंझुनू सीकर एसीबी के डिप्टी कमल प्रसाद के नेतृत्व में हुई आज इस कार्रवाई में झुंझुनू आबकारी विभाग का गार्ड संदीप रंगे हाथों सात हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार हो गया सीकर एसीबी के डिप्टी कमल प्रसाद ने जानकारी देते हुए बताया कि कल हमें झुंझुनू के बस स्टैंड के पास स्थित देसी शराब के ठेके का संचालक प्रताप सिंह जाट ने शिकायत दर्ज करवाई कि हमें झुंझुनू आबकारी विभाग का निरीक्षक संजीव शर्मा अपनी मंथली रिश्वत की राशि लेने के लिए बार-बार फोन करके हमें परेशान कर रहा है और हमें आबकारी विभाग में बुला रहा है इस पर सीकर एसीबी टीम ने जब सत्यापन करवाया तो शिकायत सही पाई गई जिसके तहत आज सीकर एसीबी टीम ने कार्रवाई करते हुए आबकारी विभाग के संदीप गार्ड को गिरफ्तार किया सीकर टीम के डिप्टी कमल प्रसाद ने बताया कि संदीप गार्ड ने जब सात हजार की रिश्वत शराब के ठेके के संचालक से ली तो उसने झुंझुनू आबकारी विभाग के निरीक्षक संजीव शर्मा को फोन करके पूछा कि आप की बात कितने में हुई है तो उन्होंने बताया कि सात हजार में डील हुई है तुम सैट हजार रुपये इन से ले लो सीकर एसीबी टीम ने गार्ड को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया वहीं आबकारी विभाग का निरीक्षक संजीव शर्मा आबकारी विभाग में नहीं मिला सूत्रों की माने तो निरीक्षक संजीव शर्मा को झुंझुनू के उदयपुरवाटी से गिरफ्तार किया गया है गौरतलब है कि झुंझुनू आबकारी विभाग और शराब माफियाओं की मिलीभगत जग जाहिर है खुलेआम यहां राज्य सरकार के आदेशों की अवहेलना की जाती है रात 8:00 बजे बाद जमकर शहर में या शहर से बाहर खुलेआम शराब की बिक्री की जाती है कई बार आबकारी विभाग में लोगों ने इसकी शिकायत भी दर्ज करवाई मगर आबकारी विभाग ने अपनी मंथली की राशि को बचाने के लिए कभी अवैध तरीके से बिकने वाली शराब पर कोई कार्रवाई नहीं की यहां तक की आदर्श आचार संहिता लगने के बाद झुंझुनू पुलिस अधीक्षक ने भी एक आदेश जारी किया कि रात 8:00 बजे बाद और सुबह 10:00 बजे से पहले जिले में कहीं भी शराब की बिक्री नहीं होनी चाहिए मगर आबकारी विभाग की मिलीभगत के चलते शराब के ठेके के संचालक खुलेआम पूरी पूरी रात बिक्री करते देखे गए हैं जिसकी शिकायत कई बार लोगों ने की है मगर आबकारी विभाग कुंभकर्ण की नींद सो कर अपनी रिश्वत की राशि को बचाने में लगा रहा वहीं शराब ठेके के संचालक धड़ल्ले से राज्य सरकार के आदेशों की अवहेलना कर शराब की बिक्री करते रहे शराब के ठेके के संचालक रात 8:00 बजे बाद अपने एक सेल्समैन को शराब के ठेके के अंदर छोड़ देते हैं और पूरी रात शटर के नीचे से शराब की बिक्री होती रहती है मगर आज जब सीकर एसीबी टीम ने कार्रवाई की तो आबकारी विभाग और शराब के ठेके के संचालकों की मिलीभगत की पोल खुल कर रह गई अब देखते हैं इसके बाद भी शराब के ठेके के संचालक नियमों की पालना करते हैं या फिर आबकारी विभाग की मिलीभगत के चलते यूंही धड़ल्ले से शराब की बिक्री देर रात तक करते रहेंगे

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