आज एक बार फिर
पटना के गंगा घाट पर गंगा-जमुनी तहजीब का बहुत बड़ा उदाहरण देखने को मिला। सुबह 11 बजे से ही अदम्या अदिति गुरुकुल के संस्थापक गुरु रहमान के नेतृत्व में सैकड़ों छात्रों ने छठ पूजा हेतु विशेष अभियान चलाया। इस अभियान की खास बात ये है की इसमे सैकड़ों हिन्दू-मुस्लिम छात्रों ने एक साथ मिल कर पटना के काली घाट, कदम घाट और बंसी घाट को मात्र 3 घंटा में पूरी तरह से साफ कर दिया। बिहार में लोक आस्था के महापर्व छठ की तैयारी को लेकर जिला प्रशासन जहाँ जोर-शोर से घाटों का निरीक्षण करने और साफ़-सफाई में लगा हुआ है, वहीं छात्रों में शिक्षा का अलख जगा रहे डॉ.एम.रहमान ने कई छात्रों के साथ पटना के काली घाट की सफाई किया। दरभंगा हाउस से गंगा की काली मंदिर घाट अपने आप मे इतिहास का दर्शन कराती है। इस घाट पर स्थित माँ काली के दर्शन करने प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु आते हैं। इस घाट पर हर साल भाड़ी संख्या में लोग छठ को अर्ध्य देने आते हैं। सामाजिक सरोकारों से जुड़े रहने वाले अदम्य अदिति गुरुकुल के संस्थापक डॉ.रहमान ने हर संप्रदाय के छात्रों के साथ छठ घाट की सफाई करके समाज को एक बड़ा संदेश दिया है। इस दौरान डॉ.रहमान ने कहा कि समाज में मिल जुलकर और साथ चलकर ही हम सही नागरिक होने का कर्तव्य निभा सकते हैं। जीवन में सफल होने के लिए सामाजिक समरसता बहुत जरुरी है। इस मौके पर डॉ. रहमान के साथ अदम्य अदिति गुरुकुल के निदेशक मुन्ना और संस्थान के सैकड़ों छात्र उपस्थित थे। छात्र पुनपुन यादव ने कहा की गुरु रहमान सर के नेतृत्व में आज इस घाट की सफाई की गई है। गंगा-जमुनी तहजीब का इससे बड़ा उदहारण कहीं नहीं मिलेगा। एक अच्छे भारत का निर्माण समाज का हर वर्ग मिलजुलकर ही कर सकता है, कोई व्यक्ति विशेष नहीं। संयोजक मुन्ना जी ने कहा कि डॉ.एम.रहमान शिक्षक के रुप में जहां हर साल बड़ी संख्या में छात्रों को सफलता क़े टिप्स देते हुए पढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं, वहीं अपने सामाजिक दायित्व का निर्वहन भी वे बखूबी करते है। डॉ.रहमान गरीब, अनाथ और दिव्यांग छात्रों को महज 11 रुपए में प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कराते हैं।

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