विद्यादान का प्रकाश दीपावली के दीयों के साथ प्रा.वि. बघइया जिलाधिकारी ने लगायी क्लास

बहराइच 
उजाले और दीयों के प्रकाश के त्योहार दीपावली आगमन का हर्षोल्लास आज सभी परिषदीय विद्यालयों और विद्यादान में भी देखने को मिला। आमतौर पर देखने को मिलता है कि त्योहार के आने से पहले ही विद्यालयों से बच्चे गायब ही होने लगते हैं और यही बात कही न कही वोलिंटियर्स की भी अभिरुचि में देखने को मिलती है। लेकिन जनपद बहराइच का ये अनमोल दान विद्यादान इस धारणा को बदलता हुआ जान पड़ता है। आज भी परिषदीय विद्यालयों मंे बच्चों का जमघट और विद्यादानियों का उत्साह दोनों ही अतुलनीय रहे। ये विद्यादानी भी हमारी और आपकी तरह छोटी छोटी खुशियों में खुश होते हैं और परेशानी पड़ने पर व्याकुल भी। लेकिन एक बात जो इनमें अलग है वो है इनका दृढ़ संकल्प।
प्रकाश पर्व दीपावली के अवसर पर जनपद में अशिक्षा के अंधियारे के दूर करने के लिए जिलाधिकारी माला श्रीवास्तव ने विकास खण्ड तजवापुर की ग्राम पंचायत शेखदहीर के मजरा बघईया के प्राथमिक विद्यालय में बच्चों को पढ़ाने के लिए गयीं। जिलाधिकारी ने सभी कक्षाओं में जाकर बच्चों को गणित, सामान्य ज्ञान आदि विषयों के बारे में जानकारी प्रदान की। उन्होंने शिक्षिकाओं से अपेक्षा की कि बच्चों को उदाहरण के साथ शिक्षा दी जाये इससे बच्चों को अच्छे ढंग से बात समझ में आयेगी। उन्होंने बच्चों को सीख दी कि जब तक बात समझ में ना आ जाये शिक्षक से पूछते रहें। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने विद्यालय परिसर में स्थित आॅगनबाड़ी केन्द्र का भी निरीक्षण किया। यहाॅ पर उन्होंने मौजूद गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की तथा बच्चों का अन्नप्रासन्न कराया। इस अवसर पर डीएम ने ग्राम प्रधान व पोषक प्रेरक के कार्यो की सराहना भी की।      
एक विद्यादानी बताया कि हम सभी खुशियों का इंतजार करते हैं लेकिन हम सभी के अंदर इतनी क्षमता है कि हम सभी खुशियों के हजारों बीज बो सकते हैं। उन्होंने बताया कि विद्यादान भी उहीं खुशियों के सृजन का एक तरीका है। जनपद बहराइच में आज का दिन तिहरी खुशियों भरा रहा। 400 से भी अधिक ग्राम पंचायतों में कायाकल्प अभियान के तहत अर्जित उपलब्धियों को दीपावली त्योहार के आगमन के साथ एक सामारोह के रूप मे मनाना और लगभग उतने ही विद्यालयों मे विद्यादान अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि बन पायी है। विद्यालय समय में आज समस्त नोडल अधिकारी परिषदीय विद्यालय के बच्चों के लिए संता क्लाज बन कर आए। पहले तो उन्होने बच्चों के साथ उनके पाठ्यक्रम अनुसार विभिन्न चर्चा की। कई विद्यालयों मे बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए कॉपी, पेंसिल, रंग इत्यादि भी वितरित किए। 
डाईट पयागपुर से आए हुये करीब 100 विद्यादानियों बच्चों को दीपावली के पर्व से जुड़ी जानकारी दी और बच्चों से की बोली में प्रचलित कहानियां भी सुनी। इसी प्रकार से विकास खण्ड बलहा के प्राथमिक विद्यालय सिसवारा में डॉ अब्दुल सलाम द्वारा विद्यादान के अंतर्गत बच्चों को साफ सफाई न करने पर होने वाली बीमारियों के बारे में विस्तार से बताया।  विकास खण्ड हुजूरपुर के प्राथमिक विद्यालय बुरुही में खण्ड शिक्षा अधिकारी अमित श्रीवास्तव ने जीव जंतुओं कि मानव जीवन में उपयोगिता को बताते हुये सहजीविता का सबक देने का प्रयास किया। इस बातचीत के दौरान बच्चों ने स्वयं बताया कि उनके परिवेश मे कौन से कीट मिलते हैं और किस प्रकार से वे उनके जीवन मे उपयोगी हो सकते हैं।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्याम किशोर ने बताया कि वैसे तो विद्यादान का प्रभाव बच्चों के अधिगम पर तो पड़ ही रहा है, सोशल ऑडिटइंग इसका सबसे अच्छे पहलू के रूप मे सामने आ रहा है। विद्यादानियों के माध्यम से लगातार मिल रहे फीडबैक की वजह से विद्यालयों का संचालन कहीं ज्यादा बेहतर हुआ है।

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