फर्जी हस्ताक्षर कर राशि निकालते बैंककर्मियों ने दबोचा 

 
साकेत जैन सिवनी म.प्र.।

 अरविंद रजक के खाते से चौथी बार राशि निकालने की फिराक में था आरोपी
घंसौर -  बैंक अधिकारियों और पुलिस की नाक में दम कर देने वाला घंसौर का बहुचर्चित मामला जहां शिक्षक अरविंद रजक के बैंक खाते से तीन बार फर्जी तरीके से राशि आहरण होना बैंक और पुलिस के लिये अबूझ पहेली बना हुआ था मामले में  सफलता हाथ लगती नजर आ रही है जानकारी के अनुसार भारतीय स्टेट बैंक की शाखा घंसौर में विगत दिवस बैंक कर्मियों ने एक शातिर युवक को दूसरे के खाते से फर्जी हस्ताक्षर कर राशि निकालते समय पकड़ लिया। स्टेट बैंक के बहुचर्चित मामले से इस आरोपी के तार जुड़े हुए हैं स्टेट बैंक खाते से तीन बार फर्जी तरीके से राशि आहरण का आरोप लगा चुका खाता धारी शिक्षक अरविंद रजक पहाड़ी के स्टेट बैंक स्थित खाते से उक्त आरोपी चौथी बार राशि निकालने की फिराक में था जहां बैंक कर्मियों की सूझबूझ के चलते आरोपी को पकड़ लिया गया है आरोपी की पहचान प्रदीप भलावी निवासी बरगांव के रूप में हुई है बताया गया कि उक्त शातिर युवक ने अरविंद रजक का खाता नंबर एवं उसके हुबहू देखने वाले हस्ताक्षर आहरण पर्ची में किए तथा बैंक में लाइन लगाकर नंबर आने पर विड्राल फार्म के केशियर को थमा दिया जिसके बाद उक्त केशियर ने तुरंत हस्ताक्षर मिलान किया कहा गया कि बैंक केशियर को अरविंद रजक के उक्त खाते से तीन बार राशि फर्जी तरीके से आहरण की जानकारी पहले से थी जिसके बाद शंका होने पर तुरंत ही अन्य बैंक कर्मियों ने घेराबंदी कर पकड़ लिया तथा तुरंत पुलिस थाना घंसौर को इसकी सूचना दे दी सूचना मिलते ही पुलिस बैंक पहुंची जहां बताया गया कि तलाशी के दौरान उक्त शातिर युवक के पास एक दर्जन सिम कार्ड, चार मोबाइल और तीन पासबुक मिली जहां से युवक को  पुलिस थाने लाकर पूछताछ की जा रही है। उल्लेखनीय है कि, शिक्षक अरविंद रजक विगत दो वर्षों से उसके बैंक खाते से फर्जी विड्राल के जरिए राशि निकाले जाने को लेकर परेशान है अलग अलग तीन बार खाते से दस- दस हजार रुपये की राशि आहरण की जा चुकी है जबकि चौथी बार की तैयारी में आरोपी लगा हुआ था धोखाधड़ी की  शिकायत पहले से ही पुलिस थाना घंसौर में दर्ज है।

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