निष्पक्ष चुनाव के लिए मीडिया भी रहेगा चुनाव आयोग की गाइडलाइन में

जयपुर: राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सात दलों को राजस्थान में मतदान से 48 घंटे पूर्व दूरदर्शन और आकाशवाणी में प्रचार के लिए समय आवंटित किया गया है। भारत निर्वाचन आयोग की ओर से किए गए इस आवंटन में सबसे ज्यादा बीजेपी को सबसे ज्यादा 217 मिनट मिले हैं, जबकि कांग्रेस को 171 मिनट का समय आवंटन हुआ है। यह आवंटन इन दलों को विधानसभा चुनाव में मिली सीटों के आधार पर होता है।

राजस्थान विधानसभा चुनाव में मतदान से 48 घंटे पूर्व अपनी बातों और नीतियों को आकाशवाणी और दूरदर्शन के जरिये जनता में बताने के लिए राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को समय आवंटित किया जाता है। इसी कड़ी में भारत निर्वाचन आयोग ने समय आवंटित किया है।

— बीजेपी को सबसे ज्यादा मिले 217 मिनट 
— रेडियो व दूरदर्शन पर 5-5 मिनट का 46 बार और 2 मिनट का एक बार प्रसारण किया जा सकेगा।
— कांग्रेस को 171 मिनट का समय आवंटित । वह 34 बार 5-5 मिनट का और 1 बार 1 मिनट का समय ले सकती है।
— बीएसपी को 58 मिनट, सीपीआई को 46 मिनट, माकपा को 48 मिनट, तृणमूल कांग्रेस को 45 मिनट, एनसीपी को मिले 46 मिनट।
कुल 631 मिनट का समय आवंटित किया गया है।

मतदान समाप्ति से 48 घंटे पूर्व प्रसारण संबंधी गाइडलाइन ECI न वेबसाइट पर गाइडलाइन भी जारी की गई है। इसके तहत मतदान समाप्ति के 48 घंटे पूर्व चलचित्र, टीवी अन्य उपकरणों से निर्वाचन की बात का प्रदर्शन नहीं होगा। निर्वाचन परिणाम पर असर करने वाली बात का प्रसारण न हो। उल्लंघन करने पर 2 वर्ष तक जेल या जुर्माना या दोनों का दंड मिलेगा। 48 घंटे में टीवी रेडियो की विषय सूची ऐसी हो कि प्रतिभागी परिणाम प्रभावित करने वाले विचार प्रस्तुत न करें।

इसमें ओपिनियन पोल, वाद विवाद के परिणामों विश्लेषण विजुअल व साउंड बाइट्स का प्रदर्शन भी शामिल है। वोटिंग शुरू होने से समाप्ति के आधा घंटे बाद प्रसारण नहीं हो सकेगा, वहीं एग्जिट पोल भी प्रसारित नहीं होगा। निर्वाचन के दौरान अभ्यर्थी, पार्टी या घटना पर अतिशयोक्ति पूर्ण रिपोर्ट वर्जित है।

- न्यूज में अभ्यर्थी द्वारा विरोधी पर आक्षेप लगानेवाला बिंदु न होना चाहिए।
- धर्म,संप्रदाय जाति आधारित वोट मांगते हुए  प्रचार वर्जित है।
- अभ्यर्थी के आचरण या उसके निजी चरित्र पर गलत टिप्पणी न हो
- वित्तीय या अन्य प्रलोभन स्वीकार नहीं करेगा प्रसारक
- विशेष अभ्यर्थी या दल के प्रचार में शामिल नहीं होगा प्रेस 
- समाचार प्रसारक राजनीतिक व वित्तीय दबाव से बचेंगे 
- अफवाह, निराधार अटकलबाजी संबंधी नहीं करेंगे प्रचार 
- घटना, तारीख, स्थान उद्धरण संबंधी यथार्थ हो सुनिश्चित
- चैनल या उनके संवाददाता, अधिकारी प्रलोभन के ना हों शिकार
- घृणा पूर्ण भाषण या आपत्तिजनक अंश का नहीं करें प्रसार
- पेड विज्ञापन या पेड़ सामग्री का नहीं करें प्रचार ओपीनियन पोल प्रसारण हो तो सटीकता व निष्पक्षता का रखें ध्यान
- गाइडलाइन उल्लंघन की शिकायत एनबीसी को होगी
- प्रसारक यथासंभव बताएंगे मतदान प्रक्रिया के बारे में 
- रिटर्निंग ऑफिसर के परिणाम घोषणा पूर्व ना करें परिणाम प्रसारण

जाहिर है कि ईसीआई की इस गाइडलाइन में मीडिया भी दायरे में रहेगी। आयोग स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए इस गाइडलाइन की पालना को अनिवार्य शर्त मान रहा है।

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