कुपोषित बच्चों के परिवारों को अवश्य दिलाया जाय राशन कार्ड व शौचालय: जिलाधिकारी

बहराइच 
कलेक्टेªट सभागार मंे आयोजित जिला स्तरीय पोषण समिति व कुपोषण मुक्त गांवों के प्रगति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करती र्हुइं जिलाधिकारी माला श्रीवास्तव ने समस्त नोडल अधिकारियों को निर्देश दिया कि विद्यादान के उद्देश्य से जब भी विद्यालय जायें ंतो बच्चों का हेल्थ कार्ड देखते हुए यह सुनिश्चित किया जाय कि बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण हुआ है अथवा नहीं। साथ ही इस आशय की आख्या भी उपलब्ध करायी जाय। बैठक में जिला कृषि अधिकारी के अनुपस्थिति पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए वेतन रोकने का निर्देश दिया।
बैठक के दौरान बच्चों को डिवार्मिंग किये जाने की समीक्षा के दौरान राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डा. बीके बांदिल द्वारा संतोष जनक उत्तर न दिये जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए सीएमओ को निर्देश दिया कि नोडल अधिकारी के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाय। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के निर्धारित गाइड लाइन तहत नियमानुसार सभी विद्यालयों के बच्चों को डिवार्मिंक किया जाय। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारी को निर्देश दिया कि बीमार बच्चों को सही समय पर टेक अप कर बच्चों के उपचार हेतु एक कारगार मेकनिज्म विकसित किया जाय। जिससे बीमार बच्चों का समय से उपचार किया जा सके। 
ग्रामवार समीक्षा करती हुई जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिया कि नोडल अधिकारियों द्वारा प्रेषित अख्या का अनुपालन अन्य सम्बन्धित विभागों द्वारा कराया जाय। साथ ही नोडल अधिकारियों द्वारा पे्रषित आख्या को पोर्टल पर अपलोड भी किया जाय। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन नोडल अधिकारियों द्वारा अभी तक आख्या उपलब्ध नहीं कराया गया है वे तीन दिवस के अन्दर अपनी आख्या उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि आख्या न उपलब्ध कराने वाले नोडल अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जायेगी। 
जिलाधिकारी ने बताया कि 14 नवम्बर को सुपोषण स्वास्थ्य का आयोजन एएनएम सेन्टर पर किया जाना है, का सफल आयोजन किया जाय। उन्हांेने नोडल अधिकारियों को निर्देश दिया कि गांव भ्रमण के दौरान यह भी सुनिश्चित किया जाय कि गरीब परिवारों को राशन प्राप्त हो रहा है अथवा नहीं। गरीब परिवारों को राशन न मिलने की दशा में जिला पूर्ति अधिकारी से समन्वय स्थापित कर ऐसे परिवारों को खाद्यान्न दिलाया जाय। साथ ही राशन कार्ड में परिवार के कुछ सदस्यों का नाम यदि छूट गया है तो ऐसे लोगों को सम्मिलित कराये जाने की कार्यवाही भी सुनिश्चित की जाय। 
उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिया कि कुपोषित बच्चों के परिवारों को प्राथमिकता प्रदान करते हुए राशन कार्ड व जाॅब कार्ड अवश्य बनवाया जाय। साथ ही ऐसे परिवारों के घरों में स्वच्छ शौचालय भी बनवाया जाय। जिलाधिकारी ने जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को निर्देश दिया कि प्रत्येक मदरसों मंे अध्ययनरत बच्चों की सूची मुख्य चिकित्साधिकारी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें ताकि मीजिल्स रूबेला अभियान में शामिल किया जा सके। उन्हांेने समस्त सीडीपीओ को निर्देश दिया कि टीकाकरण व ओडीएफ हेतु एनआरएलएम में गठित सक्रिय स्वयं सहायता समूहों का भरपूर सहयोग किया जाय। जिसका भविष्य मंे अच्छा परिणाम प्राप्त होगा।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी राहुल पाण्डेय, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एके पाण्डेय, सीएमएस पुरूष डा. डीके सिंह, महिला मधु गैरोला, उप निदेशक कृषि डा. आरके सिंह,  जिला कार्यक्रम अधिकारी सुनील कुमार श्रीवास्तव सहित नोडल अधिकारी, सीडीपीओज, एमओआईसी व अन्य सम्बन्धित अधिकारी मौजूद रहे। 

Post A Comment: