शिवहर के लाल श्री हनुमान गढ़ी आयोध्या महंथ जी को सरयू तट समाधि दिया गया।


श्री1008महंत ब्रह्मलीन तपस्वी श्री रमेश दास जी महाराज गद्दीनशीन जी (श्री हनुमान गढ़ी श्री अयोध्या धाम) कों पुरे हर्षोल्लास से सरयू में जल महासमाधी दी गई ,श्री गद्दीनशीन जी महाराज जी के अंतिम शोभा यात्रा हनुमान गढ़ी से निकल कर अयोध्या के मुख्य मार्गों से होते हुए सरयू तट के नये घाट पहुँची उसके बाद संत समाज के रिति निति से सभी विधियों पूर्ण होने के बाद ब्रह्मलीन महाराज जी के उतराधिकारी श्री महंत कल्याण दास जी एवं शिष्य श्री संदीप दास जी द्वारा उन्हें जल महासमाधी दी गई। श्री महाराज जी की शोभा यात्रा के दौरान मानों पुरी अयोध्या अपने घरों से एवं संत महात्माओं अपने आश्रमों से निकल कर श्री गद्दीनशीन जी महाराज की अंतिम दर्शन हेतू शोभा यात्रा के विभिन्न मार्गों पर प्रतीक्षा करते दिखे एवं ब्रह्मलीन महाराज जी के हजारों लाखों भक्तों ने उनके अंतिम शोभा यात्रा में पिछे पिछे चल रही थी,मानो अयोध्या आज थम सी गई थी ।महाराज जी के सरलता एवं विनम्रता से प्रभावित हो पुरी अयोध्याधाम के व्यापारी समाज ने भी उनके सम्मान में अपनी अपनी दुकानें बंद रखी। महाराज जी के अंतिम शोभा यात्रा में कई क्षेत्रों के दर्जनों विधायक सांसद मंत्री एवं राजनेताओं के साथ साथ स्थानीय डीएम, कमिश्नर एवं प्रशासन के प्रमुख पदाधिकारीओं ने भी भाग लिया।श्री हनुमान जी महाराज जी की कृपा एवं ब्रह्मलीन श्री गद्दीनशीन जी महाराज की विशेष सानिध्य के कारण से व्यक्तिगत मेरे लिये सुखद अनुभव का विषय रहा कि मैं भी उस धरती माँ की गोद में रहता हुँ जहाँ परम पूज्य महाराज जी की जन्मभूमि हैं और  अपने बाबा(दादाजी)की अंतिम शोभा यात्रा में उनके विमान को कंधा दिया एवं पूर्व में भी उनके अंतिम समयावधि में उनके स्वास्थ्य में आई गिरावट के दौरान मुझे महाराज जी(दादा जी) की सेवा करने का परम सुखद सौभाग्य प्राप्त हुई थी।महाराज जी की अंतिम यात्रा में महाराज जी की जन्मभूमि बिहार प्रांत के शिवहर जिले के तरियानी प्रखंड के मोतनाजे ग्राम वासी सहित सैकड़ों भक्तों ने परनहियां बड़ी मठ के श्री महंत  प्रभुशरण दास जी एवं मोतनाजे मठाधीश श्री महंत बलराम दास जी के नेतृत्व में एवं परिवारजनों ने भी शोभा यात्रा में भाग लिया एवं श्रद्धसुमन अर्पित करते हुए श्रद्धांजलि दी।
पुनः दादा जी को सादर नमन करते हुए विनम्र श्रद्धांजलि एवं शुभ विदा आप हमेशा हमारे संस्कारों एवं यादों में बने रहेंगे आपको बारम बार प्रणाम।

Post A Comment: