*चुनाव के लिए ईवीएम-वीवीपैट जांच-परखकर तैयार
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*कड़ी सुरक्षा के बीच जिला स्तर पर स्ट्राॅन्ग रूम्स में रखवाया जा रहा है।*

जयपुर, 01 दिसंबर। विधानसभा आम चुनाव-2018 के लिए सभी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के लिए ईवीएम-वीवीपैट मशीनों से जुड़ी सभी तरह की तकनीकी व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली गई हैं। एफएलसी, प्रथम और द्वितीय रेंडमाइजेशन, माॅक पोल सहित सभी काम पूर्ण हो चुके हैं। मशीनों को पूरी तरह जांच-परखकर और माॅक पोल करवाकर इन्हें जिला स्तर पर बनाए स्ट्राॅन्ंग रूम में कड़ी सुरक्षा के बीच रखवाया जा रहा है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री आनन्द कुमार ने बताया कि 7 दिसबंर को होने वाले मतदान के लिए 2 लाख से ज्यादा ईवीएम और वीवीपैट मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। किसी भी स्तर पर कोई तकनीकी समस्या ना आए इसके लिए अधिकारियों को कई बार प्रशिक्षण दिए जा चुके हैं। कोई भी तकनीकी समस्या का अविलंब निस्तारण करने के भी निर्देश दिए जा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि ईवीएम-वीवीपैट मशीनों की राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के समक्ष एफएलसी (प्रथम स्तरीय जांच) कर दी गई थी। उम्मीदवारों, पर्यवेक्षकों और भेल के इंजीनियर्स के सामने पहला रैंडमाइजेशन 5 नवंबर को और दूसरा रैंडमाइजेशन 26-28 नवंबर को किया गया। मशीनों का अलाॅटमेंट ईवीएम ट्रेकिंग साॅफ्टवेयर (ईटीएस)के जरिए संपूर्ण प्रदेश भर में कर दिया गया है। रैंडमाइजेशन के बाद 5 प्रतिशत मशीनों का रैंडमली चयन कर उन पर 1-1 हजार माॅक पोल कर उन्हें मतदान केंद्रों के लिए रवाना किया जाएगा।

श्री कुमार ने बताया कि माॅकपोल के दौरान डाले गए मतों की संख्या के अनुसार पर्चियों की गणना की गई है और समस्त रिकार्ड भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सुरक्षित रखा गया है। मतदान के लिए तैयार सभी ईवीएम-वीवीपैट को स्ट्राॅग रूम में कडी सुरक्षा में सुरक्षित रखवा दिया जाएगा और मतदान दलों की रवानगी से पहले स्ट्राॅन्ंग रूम खोलकर उन्हें मतदान केन्द्रवार मतदान के लिए उपलब्ध करवाई जाएगी।

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